उत्तराखंड की पहाड़ियाँ जितनी शांत और सुंदर हैं, उतनी ही रहस्यमय भी. यहाँ के गाँवों में आज भी कुछ परंपराएँ जीवित हैं जो देवता, विश्वास और डर — तीनों को एक साथ जोड़ती हैं. ऐसी ही एक परंपरा है... Read more
आपने अल्मोड़ा से आगे पिथौरागढ़ जाते हुए लखु उडियार का नाम तो सुना ही होगा, या शायद उस जगह से गुज़रे भी होंगे जहाँ सड़क के किनारे “संरक्षित स्मारक – लखु उडियार रॉक शेल्टर” लिखा है. इसे भारत स... Read more
पिथौरागढ़ का प्राचीन इतिहास
आज हम जिस शांत और सुरम्य पिथौरागढ़ जिले को देखते हैं, उसका इतिहास सदियों पुराना और बेहद रोमांचक रहा है. कत्यूरी राजाओं के वैभव से लेकर अस्कोट के पाल राजाओं और सिरा के मल्ल राजाओं के संघर्षों... Read more
पहाड़ से निकलकर बास्केटबॉल में देश का नाम रोशन करने कैप्टन हरि दत्त कापड़ी का निधन
हरि दत्त कापड़ी का जन्म पिथौरागढ़ के मुवानी कस्बे के पास चिड़ियाखान (भंडारी गांव) में हुआ था. 1958 से उन्होंने बॉक्सिंग, फुटबॉल और बास्केटबॉल खेलना शुरू किया, लेकिन बास्केटबॉल को ही अपनी जिं... Read more
उधम सिंह नगर के तिलपुरी गांव की 32 साल की पैरा-एथलीट रेखा मेहता का सपना भारत का प्रतिनिधित्व करने का था लेकिन आर्थिक तंगी ने उनके इस सपने को लगभग छीन लिया था. प्रतिभा होने के बावजूद, उनके पा... Read more
चंद राजाओं का शासन : कुमाऊँ की अनोखी व्यवस्था
चंद राजाओं के समय कुमाऊँ का शासन बहुत व्यवस्थित माना जाता है. हर गाँव में एक पधान होता था, जिसके नीचे एक कोटाल काम करता था. कोटाल को पधान चुनता या हटा सकता था. यह पधान का सहायक था और लिखने क... Read more
खाम स्टेट और ब्रिटिश काल का कोटद्वार
गढ़वाल का प्रवेश द्वार और वर्तमान कोटद्वार-भाबर क्षेत्र 1900 के आसपास खाम स्टेट में आता था. भारत में उस दौरान अंग्रेजों का शासन था. कोटद्वार-भाबर क्षेत्र का अधिकांश भाग चारों और से जंगल से घ... Read more
अलविदा घन्ना भाई
उत्तराखंड के प्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद जी ’घन्ना भाई’ हमारे बीच नहीं रहे. देहरादून स्थित एक अस्पताल में आज दोपहर 12:30 बजे लंबी बीमारी के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली.(Obituary to Ghanna Bh... Read more
(1906 में छपी सी. डब्लू. मरफ़ी की किताब ‘अ गाइड टू नैनीताल एंड कुमाऊं’ में आज से कोई 120 बरस पहले के कुमाऊं-गढ़वाल के बारे में बहुत दिलचस्प विवरण पढ़ने को मिलते हैं. प्रस्तुत है इस किताब से... Read more
पिथौरागढ़ के कर्नल रजनीश जोशी ने हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग के प्राचार्य का कार्यभार संभाला
उत्तराखंड के सीमान्त जिले पिथौरागढ़ के छोटे से गाँव बुंगाछीना के कर्नल रजनीश जोशी ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए महज 44 साल की उम्र में विश्वविख्यात ‘हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान (एचएमआई), दार... Read more

























