इस वर्ष मोस्टामानू मेले की तस्वीरें
कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में आज भी मेले पूरी रवायत के साथ मनाये जाते हैं. पर्वतीय जिलों के मुख्यालय के आस-पास होने वाले इन मेलों का स्वरूप आज भले ही बदला हुआ लगता है लेकिन इन मेलों में आज ठेठ... Read more
अल्मोड़ा जिले के गांव पनुवाद्यौखन, भिकियासैंण में रहने वाले दलित युवक से भिकियासैंण के ही गांव वेल्टी की रहने वाली सवर्ण युवती को प्यार हो गया. युवती गीता उर्फ गुड्डी अपने सौतेले पिता जोगा स... Read more
मोस्टामानू का मेला
हर साल ऋषि पंचमी के दिन पिथौरागढ़ में वर्षा के देवता मोस्टामानू के मंदिर परिसर में एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. मेले के दिन लोक देवता का डोला खुकदे के जागर काल से शुरू होता है. मंदिर... Read more
नैनीताल में आज से नंदादेवी महोत्सव
आज से अगले एक सप्ताह नैनीताल में नंदादेवी महोत्सव चलेगा. नैनीताल की वादियों में इन दिनों, भाद्रपद महिने की पंचमी से शुरु होने वाले इस महोत्सव की मुश्क महसूस की जा सकती है. 1 सितम्बर से शुरु... Read more
खटीमा गोलीकांड के 28 बरस
1994 के साल सितम्बर महीने की पहली सुबह थी. आज खटीमा में सरकार की गुंडागर्दी के विरोध में एक प्रदर्शन होना था. खटीमा में करीब दस हजार लोग एक जुलूस में शामिल थे. पूर्व सैनिक, छात्र, महिलायें औ... Read more
तीन साल पहले सहधर्मिणी व बच्चों को अपना मकोट और बच्चों का बुड़ मकोट दिखाकर लाया था. आज फिर मन में अचानक मकोट की पुरानी यादें आ गई तो चला गया. हिनौला बाजार से लगभग एक किलोमीटर के पैदल रास्ते... Read more
कहानी पंचकेदार की
उत्तराखण्ड को देवभूमि भी कहा जाता है. यहाँ उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बने मंदिर देश-विदेश के करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं. इन्हीं मंदिरों में शामिल हैं पञ्च केदार. जैसा की नाम से ही... Read more
आज पिथौरागढ़ में लखिया भूत देखने उमड़ते हैं लोग
सातों-आठों पिथौरागढ़ जिले का एक महत्वपूर्ण लोकपर्व है. लोक में गौरी को दीदी और महेश्वर को भिन माना जाता है. गौरा के मायके आने से शुरु हुआ यह पर्व महेश्वर और गौरा की विदाई के साथ संपन्न होता... Read more
गिर्दा हमारे दिलों में अमर हैं
प्रख्यात जनधर्मी कलाकार-कवि के रूप में गिर्दा हमारे दिलों में अमर हैं. गिर्दा के अवसान के बाद उनके परम मित्र और हिन्दी के बड़े कवि वीरेन डंगवाल ने कबाड़खाना ब्लॉग पर एक बेहतरीन स्मृतिलेख लिख... Read more
कत्यूर शासकों ने जोशीमठ से राजधानी क्यों बदली
इस बात के साक्ष्य मिलते हैं कि उत्तराखंड क्षेत्र के पहले शासक कत्युरों की पहली राजधानी जोशीमठ में थी. यह भी माना जाता है कि जोशीमठ के मंदिर का निर्माण भी कत्युरों के आदिपुरुष वासुदेव ने ही क... Read more

























