बचपन में फलदार पेड़ों का आनंद:
मेरा बचपन-1 (डीडी पन्त की अप्रकाशित जीवनी के अंश) -देवी दत्त पंत सुबह उठते ही कोलाहल, चिन्ता, अव्यवस्था, 70 वर्श के जीवन का यह आखिरी पड़ाव कैसा बीभत्स है! विज्ञान, तकनीक, समाजशास्त्र, नीतिशास... Read more
नारायण सिंह थापा: बन्दूक से कैमरा तक का सफर
जब एन.एस. थापा की पहली डॉक्युमैन्ट्री फिल्म देखी मैं 10-11 साल का था और कैलेन्सी हाईस्कूल मथुरा में कक्षा 6 का छात्र था. गांव लौटने पर फिल्में दूर हो गई. फिर कालेज में आने पर बालीवुड या हाली... Read more
उत्तराखण्ड में धर्मशालाओं के निर्माण की शुरुआत करने वाले काली कमली वाले बाबा
काली कमली वाले बाबा को उत्तराखण्ड के तीर्थयात्रा के रास्तों पर धर्मशालाओं के निर्माण के लिए विशेष तौर पर याद किया जाता है. Baba Kali Kamli Wale इनके बारे में कहा जाता है कि इनका जन्म 1831 मे... Read more
जब लता मंगेशकर को 500 रुपये मिलते थे, के. आसिफ ने उन्हें एक गाने के 25000 रुपये दिए थे
पटियाला घराने के खलीफा गायक उस्ताद बड़े गुलाम अली खान साहब का जन्म आज ही दिन यानी 2 अप्रैल 1902 को ब्रिटिश भारत की पंजाब रियासत के कसूर नामक स्थान पर हुआ था. विभाजन के बाद कसूर पाकिस्तान का ह... Read more
यह विडम्बना ही है कि जब तक करम सिंह जीवित रहे, वे अन्जान बने रहे. अब जब वह नहीं हैं, हम उनकी खोज कर रहे हैं. अब उनके बारे में यथेष्ठ और प्रमाणिक जानकारी नहीं है. 1966 में जब मैंने अपने अध्यय... Read more
गुरु अंगद देव, ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ, Guru Angad Dev (31 मार्च 1504 से 16 अप्रैल 1552) गुरु अंगद देव सिख धर्म में मनुष्य के रूप में अध्यात्मिक गुरु का दर्जा पाने वाले 10 गुरुओं में से एक हैं. वे सि... Read more
पिथौरागढ़ मूल के थे भारतीय राष्ट्रगान की बैंड धुन बनाने वाले कैप्टन राम सिंह ठाकुर
इस बात को सभी लोग जानते हैं हैं कि भारतीय राष्ट्रगान रविन्द्र नाथ टैगोर द्वारा लिखा गया था. भारत का राष्ट्रगान जन-गण-मन 1911 में रविन्द्र नाथ टैगौर ने लिखा था. इसे पहली बार 27 दिसंबर 1911 के... Read more
शहीद भगत सिंह का लेख: अछूत का सवाल
(भगतसिह का ‘अछूत का सवाल’ नामक लिखा यह लेख जून, 1928 के ‘किरती’ में ‘विद्रोही’ के नाम से प्रकाशित हुआ था.) हमारे देश जैसे बुरे हालात किसी दूसरे देश के नहीं हुए. यहाँ अजब-अजब सवाल उठते रहते ह... Read more
हिमालय की पहचान का खोजी : स्वामी प्रणवानंद
हिमालय के इतिहास पुरातत्व व संस्कृति पर गहन मनन व अध्ययन के प्रणेता रहे स्वामी प्रणवानन्द. कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्गों की लोकथात को अपने विशद परीक्षणों व तल्लीनतापूर्वक की गई जांच पड़ताल के... Read more
भारतीय लोकतंत्र के नायकों में से एक चुनावों का यह मौसम लोकतंत्र के अनेक नायकों को याद करने का समय है. स्वतंत्र भारत की सबसे मजबूत नेताओं में से एक थीं इंदिरा गांधी. वे चार बार देश की प्रधान्... Read more


























