भारत पाकिस्तान में कोई हारा हो या न हारा हो, मीडिया दोनों देशों का हार चुका है
तारीख : 26 फरवरी समय : शाम का जगह : हल्द्वानी में चाय की दुकान दिखा दिया बेटे बाप बाप होता है. एक हज़ार किलो बम फोड़ा है. साढ़े तीन सौ पाकिस्तानी उड़ा दिये. कहा था ना मोदी करेगा. कर दिया मोदी ने... Read more
अंग्रेज़ों के द्वारा बसाए गए नैनीताल जैसे पहाड़ी शहरों की चर्चा बिना बंपुलिस के संभव ही नहीं है. बचपन में हमें हैरानी होती थी कि जंगल के बीचों-बीच पत्थर की दीवारों और टीन की छतों वाले, बाहर से... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 127
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
बहुत जरूरी है प्लास्टिक के विकल्प की खोज करना
मैं कुछ दिन पहले पूर्णागिरी मंदिर गयी थी तो मैंने देखा कि घुरड़ और बंदर मंदिर से फेंके गये कूड़े को खाने के लिये आ रहे हैं. इस कूड़े में भी प्लास्टिक का कचरा (Plastic Pollution) ही अधिक था. इस... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 126
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
वह डायरी, ट्राजिस्टर और स्टोव
कतिपय कारणों से हमारे प्रिय लेखक देवेन मेवाड़ी की सीरीज कहो देबी, कथा कहो इस सप्ताह प्रकाशित नहीं की जा सकी है. सीरीज का अगला हिस्सा अगले सप्ताह नियत दिन प्रकाशित किया जायेगा. इस सप्ताह देवेन... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 125
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
पहाड़ और मेरा जीवन – 22 (पोस्ट को लेखक सुन्दर चंद ठाकुर की आवाज में सुनने के लिये प्लेयर के लोड होने की प्रतीक्षा करें.) मेरी कक्षा में सेना के अफसरों के कई बच्चे पढ़ते थे. उन बच्चों के साथ... Read more
क्रिकेट का असली डॉन
आज क्रिकेट के सर्वकालीन महानतम बल्लेबाज माने जाने वाले डॉन ब्रैडमैन की पुण्यतिथि है. साल 2001 में आज ही के दिन उनका देहांत हुआ था. कहा जाता है कि जिसने मीर तक़ी मीर का नाम नहीं सुना, उसे उर्द... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 124
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more


























