तुम से न हो पाएगा देश के प्यारो!
कल पुलवामा (Pulwama) में हुए कायराना हमले के परिदृश्य में हमारे साथी अमित श्रीवास्तव ने यह झकझोर देने वाली टिप्पणी अपनी फेसबुक वॉल पर शेयर की है. ऐसे समय में जब सारा मीडिया देश, देशभक्ति, रा... Read more
पव्वे पर भारी छूट का मौसम फरवरी का महीना आधा बीत चुका है और भारत भर में शराब की दुकानों के बाहर पव्वे पर भारी छूट वाले विज्ञापन लटक चुके हैं. जाहिर है उत्तराखंड जिसकी कुल आय का 18 से 19% हिस... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 114
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
बजट 2019 : अल्पकाल की आस-दीर्घ काल की फांस
बजट का कौतिक निबट गया. किसान-मजूर, आम वेतन भोगी, वरिष्ठ नागरिक, पेंशनरों के लिये ‘ट्रिपल धमाका’ कर गया. आय-कीमत मौद्रिक-राजकोषीय, देशी-विदेशी व्यापार और पूंजी के प्रवाहों पर की गयी ‘सर्जिकल... Read more
आज मधुबाला का जन्मदिन है
आज मधुबाला का जन्मदिन है. दुनिया की सबसे खुबसूरत अदाकारा के 85 साल पूरे होने पर गूगल ने मधुबाला का डूडल बनाया था. गूगल ने Madhubala’s 86th Birthday टाइटल से डूडल बनाया. अपने डूडल (Goog... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 113
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
गत सप्ताह सीबीआई टीम के कोलकाता पुलिस आयुक्त से पूछताछ करने कोलकाता पहुंचने पर जिस प्रकार सीबीआई टीम को ही हिरासत में लिए जाने का हास्यास्पद समाचार सामने आया वह निश्चित रूप से सीबीआई की साख... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 112
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
वर्षों बीते पर बात जिन्दा है. मैं ठहरी जन्मजात आवारा. इसी आवारगी में एक अम्मा के साथ मिलना हुआ अल्मोड़े के किसी सुदूर गांव में, गुड़ के कटके वाली खूब दूधी चाय की गरमागरम घूंट मारती जुबान चुप क... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 111
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more


























