हल चलाना, नौले से फौले में पानी भरकर लाना और घोघे की रोटी मक्खन, नून के साथ खाना
पहाड़ और मेरा जीवन – 42 पिछली कड़ी: एक कमरा, दो भाई और उनके बीच कभी-कभार होती हाथापाई हम सबकी जड़ें गांवों में हैं, लेकिन सबने वहां का जीवन नहीं देखा. मैं अपने गांव के बहुत करीब रहा, ल... Read more
एक गाँव से बैसी-जागर का आँखों देखा हाल
आजकल कई गांवों में बैसी-जागर टाईप का कुछ पूजा-नृत्य गांव की धूनियों में हो रहा है. बाहर बसे परदेसी भी गांव में आकर खूब श्रद्वा भाव दिखाने में मग्न हैं. धूनी को चमका रखा है. बाकायदा बैसी-जागर... Read more
गढ़वाल के राजा मान शाह और सुरजू डंगवाल की लोककथा
एक समय की बात है, बहादुर शाह नाम का व्यक्ति गढ़वाल में राज करता था. उसके राज्य की राजधानी श्रीनगर थी, उसकी मुत्यु के बाद उसका पुत्र मान शाह गद्दीनशीं हुआ. उसकी ताजपोशी के समारोह के लिए मान श... Read more
शिव को समर्पित सावन
शिव का अर्थ है कल्याणकारी. लिंग का अर्थ है सृजन. एक विशाल लैंगिक अंडाशय जिसका अर्थ है ब्रह्मांड. उल्कापिंड सा काला अंडाकार आकार ज्योतिर्लिंग कहा गया.(Savan dedicated to Shiva) शिव स्वयंभू है... Read more
एक चिलम गांजा और बीच झूला पुल में
बात उन दिनों की है, जब मेरी नालायकी और कुसंग से मेरा परिवार आजिज आ चुका था. मां की नसीहत कानों से टकरा कर बैकफायर कर जाती. पिताजी के हस्त प्रहारों की धार कुंद हो गई थी. कई लाठी, डंडे, सोंटी... Read more
उत्तराखंड में इन दिनों हिल टॉप शराब टॉप पर है. हिल टॉप की बॉटलिंग फैक्ट्री लगाने का लोग समर्थन और विरोध बराबर कर रहे हैं. विरोध करने वाले इस लिये विरोध कर रहे हैं क्योंकि शराब एक बुरी चीज है... Read more
एक समय की बात है प्रभास क्षेत्र में मल्लिका नामक राज्य था, जिसकी राजधानी विराट नगर थी. यहाँ मल्लिका के पुष्प बहुतायत में होते थे. निरंतर मल्लिका के पुष्पों से सुवासित रहने के कारण ही इस राज्... Read more
माना जनाब ने पुकारा नहीं
माना जनाब ने पुकारा नहींक्या मेरा साथ भी गवारा नहीं मुफ्त में बनके चल दिए तन के वल्ला जवाब तुम्हारा नहीं... ... गुस्सा ना कीजिए जाने भी दीजिए बंदगी तो बंदगी तो लीजिए साहब... ...इधर देखिए, नज... Read more
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से कुछ तस्वीरें
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय पार्क उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के नैनीताल जिले में है. 1936 में इस पार्क की स्थापना हेली नेशनल पार्क के नाम से बंगाल टाइगर के संरक्षण के उद्देश्य से की गयी थी. बाद में... Read more
है दुनिया उसी की, ज़माना उसी का
(पोस्ट को रुचिता तिवारी की आवाज़ में सुनने के लिए प्लेयर पर क्लिक करें) मेलोडेलिशियस-12 ये ऑल इंडिया रेडियो नहीं है. ये ज़ेहन की आवाज़ है. काउंट डाउन नहीं है ये कोई. हारमोनियम की ‘कीज़... Read more


























