दम भाई निज भाई और भाई घसड़ पसड़
‘दम मारो दम मिट जाये गम’ गाना तो बीसवीं शताब्दी में बना साहब! जब कि गम मिटाने का ये नुस्खा उतना ही पुराना है, जितने भगवान भोलेनाथ. भोलेनाथ को अर्पित की जाने वाली सामग्री में चरस भी उनक... Read more
मेहनत से बनती है कड़ी ठेठ पहाड़ी बड़ी
उड़द की दाल को पीस ककड़ी या भुजे की बड़ी भी बनाई जाती. सारी तारीफ उड़द की दाल की सिलबट्टे में की गई पिसाई पर होती और फिर हाथ से की गई फिंटाई सोने में सुहागे जैसा फ़ैंटी उड़द पानी में डालने प... Read more
आज की पीढ़ी को लकी अली को क्यों सुनना चाहिए
अभी हाल ही में, मैंने अपने से कुछ 12 से 13 साल छोटे एक शख्स से किसी बात पर पूछा – क्या तुमने लकी अली को सुना है? तो उत्तर आया – कौन लकी अली? (Lucky Ali) उस समय तो नहीं लेकिन कुछ समय बाद, आज... Read more
ककड़ी खाने का असल तरीका पहाड़ियों के पास ही हुआ
अब बड़ी ककड़ी के रायते के तो कहने ही क्या. हरी ककड़ी की चोरी भी माफ़ ठेरी. पर तभी तलक जब तक बुड बाड़ों की नज़र चूकी रहे. नन्तर ककड़ी तो गई सो गई ऐसी ऐसी गालियां खाने को मिलें कि पुस्त दर पुस... Read more
नानकमत्ता में नानकसागर डैम के पार के गॉंव
बाउली साहिब (नानकसागर डैम) की इन दिलकश और मनमोहक तस्वीरों के इस छोर से कभी नाव लेकर आप अगर दूसरे छोर पर उतरें तो आपको समझ में आएगा कि डैम के इस तरफ की जिंदगी और डैम के उस पार की जिंदगी में क... Read more
1982 में जब एनडी तिवारी हेमवती नन्दन बहुगुणा के बाद मुख्यमंत्री बने, उस समय यहां के जंगलों में भीषण आग लगी हुई थी. आग में कई लोग झुलस गये थे और दुर्घटना हुई. उ.प्र. विधानसभा में वनों की आग क... Read more
स्वतंत्रता सेनानी दादा के बारे में जानने को फ्रांस से अल्मोड़ा पहुंची पोतियां
आजादी के दौरान महात्मा गांधी के सहयोगी के तौर पर काम करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दादा के बारे में जब फ्रांस में रहने वाली उनकी दो पोतियों पता चला तो उनके बारे में और ज्यादा जानने की... Read more
दाल-भात-साग रोज ही खाये गए. पर किसके साथ क्या मेल बने इसके बहुत सारे संयोग बने. खास बात ये कि, घी तेल मसाले, बड़े नपे-तुले माप में बिना ढोल-फोक किये डाले जाते. लकड़ी की आंच भी नियंत्रित. जब... Read more
रामस्वैंणी की तेरहवीं
चार प्रकार का सलाद, तीन प्रकार की चरचरी-बरबरी भुजी, पियर अरहर की दाल, खट्टे आम का अचार, घर्रा भंग्जीर और पुदिने की चटणी, पैल्वाण भैंस की छाँस में तुमड़े का रायता, पापड, पूड़ी, सूजी, हलवा, और... Read more
हरेला सोसायटी के युवाओं की मुहिम का हिस्सा बनकर आप भी उत्तराखंड के जंगलों को आग से बचा सकते हैं
जनवरी का आधा महीना जा चुका है, फरवरी खत्म होते-होते बीते साल की तरह जंगलों में आग लगने की खबरें अख़बारों में छपना शुरू हो जायेंगी. सोशियल साइट्स पर करुण हृदय सम्राट साथी मार्मिक पोस्ट लगायेंग... Read more


























