नानकसागर डैम पार करने में बाधाएँ और खतरे
पिछले अंक में हमने बात की थी नानकमत्ता में नानकसागर डैम के पार स्थित गॉंवों की बदहाल स्थिति की. बेशक उन गॉंवों की स्थिति दशकों बाद भी बहुत अच्छी नहीं है लेकिन उन समस्याओं में भी एक सबसे बड़ी... Read more
मध्य हिमालय की जंगलों में मिलने वाली वनस्पति स्वस्थ बनाये रखने, निरोग रहने व दीर्घायु प्रदान करने के लिए गुणकारी मानी गईं. इन वनस्पतियों के एकल प्रयोग या कइयों के साथ मेल... Read more
‘कुमाऊं केसरी’ बद्रीदत्त पाण्डे का जन्मदिन है आज
लगभग चालीस सालों से चले आ रहे अल्मोड़ा अखबार ने 1913 के बाद ही धार पकड़ी. अल्मोड़ा अख़बार ने जब तक स्थानीय मुद्दों पर अपनी यह धार दिखाई तब तक प्रशासन चुप रहा. लेकिन बद्रीदत्त पाण्डे के सम्पा... Read more
अरे! तुम तो एक हफ्ते में निबटा देने वाले ठैरे ‘वैलन्टाइन डे’ का जश्न, हमारे टैम पर तो सालों भी लग जाने वाले हुए ‘वैलेन्टाइन डे’ के इन्तजार में. किसम-किसम की सेरेमनी और रिचुवल्स होने वाले हु... Read more
साथियों की त्योरियां चढ़ने पर पंकज मुस्करा दिया. उसने सफाई दी, “अरे! कोर्स में यही सब सिखाया जाता है… क्या पता कब क्या मुसीबत आ जाए… इसलिए यह सब जरूरी होता है… वैसे भ... Read more
नत्थू सिंह खरोला उर्फ़ नत्थू कमाण्डिंग के मायने
हमारे गांव में मन्नाण – गांव में सार्वजनिक स्थल अर्थात पंचायती चौक के उत्तर, दक्षिण व पूरब दिशा में आबादी है तथा पश्चिम में सीमेण्ट गारे से बनी हुयी ढालदार छत वाली पानी की टंकी है. यह... Read more
कुमाऊं का पहला सामुदायिक रेडियो ‘कुमाऊं वाणी’ आज वर्ल्ड रेडियो डे के मौके पर 9 साल 11 माह 2 दिन का हो चुका है और अपनी पहचान के जरिये आज दूरस्थ ग्रामीण अंचल तक अपनी पैठ बना चुका है. कुमाऊं की... Read more
भ्वींन को भ्वैन या भ्वैंनी भी कहते हैं. झोड़ा और चांचरी की तरह गाया जाने वाला यह समूह गीत वृत्ताकार घेरे में खड़े होकर गाया जाता है. विषयवस्तु और लय के आधार पर भ्वींन झोड़ों से बहुत अलग है. Tra... Read more
संगठित लेखक प्रकाशकों पर भारी पड़ते हैं
हालत पाठकों की भी कुछ कम ख़राब नहीं थी. शर्मा जी के बारे में पता चला कि पुस्तक मेले से लौट कर उन्हें साँस लेने में तकलीफ़ है, तो मैं देखने चला गया. (Satire by Priy Abhishek) बिस्तर पर लेटे-ल... Read more
गुंजी से निकलते-निकलते आठ बज गए. आगे लंबे मैदान में एक जगह एक शिलापट्ट स्थापित था. ऐसा लग रहा था शायद यह तिब्बती भाषा में लिखा होगा. गुंजी में कुछ नौजवान मिले, जो तिब्बत के तकलाकोट कस्बे में... Read more


























