उत्तराखण्ड राज्य को अस्तित्व में आए 19 साल हो गए हैं. उत्तर प्रदेश से अलग होकर नए राज्य की परिकल्पना इतनी आसान नहीं थी. कई राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी जान गंवाई तो न जाने कितनों को पुलिस और... Read more
कोई बीस बरस पहले धरमसिंह लकड़ी काटने जंगल गए थे जब भालू ने उन पर हमला बोल दिया. उनका छोटा सा पोता उनके साथ था. उन्होंने एक हाथ से बच्चे को सम्हाला और दूसरे में थमी दरांती से भालू पर तब तक वा... Read more
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों ने उत्तराखंड में भी राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. एक तरफ राज्य में मुख्यमंत्री के बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ़ कांग्रेस को अंदरूनी गुटबाजी और... Read more
कुटी गाँव का महाभारत के साथ सम्बन्ध
कुटी से ज्योलिंगकांग करीब 13 किमी का रास्ता शांत और धीरे-धीरे ऊंचाई लिए है. कुटी गांव की सीमा पर पानी के दो धारे दिखाई दिए. एक को पीने का पानी भरने और दूसरे को नहाने और कपड़े धोने के लिए लिह... Read more
इस भुस्कैट हो चले विवाद से बेहतर है हम भाषा के मुद्दे को एक अलहदा तरीके से समझने की कोशिश करें. मुझे लगता है सबसे सशक्त भाषा वही है जिसमें किसी मुसीबत में फंसा आदमी अपनी जान बचाने के लिए किस... Read more
कुटी गांव का इतिहास और उससे जुड़े रोचक किस्से
बच्ची अपने नेपाली गीतों में ही खोई हुई थी. तभी मेरे मित्र डी.एस.कुटियालजी आते दिखे. मैं उनकी ओर लपक लिया. वह तब बागेश्वर में वायरलेस विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर थे. मैंने उन्हें बताया था क... Read more
गढ़वाल के मुख्य शिव मंदिर
अद्भुत भारत धर्मपूजा में ए. एल बाशम लिखते हैं कि – वैदिक देवता रूद्र से शैव संप्रदाय का विकास हुआ. इनके ईष्ट देव शिवजी जो विनाश के प्रतीक थे तो सरलता की प्रतिमूर्ति भी. तभी वह शम्भु य... Read more
कालीचौड़ गौलापार में स्थित काली माता का प्रख्यात मंदिर है. हल्द्वानी से 10 किमी और काठगोदाम से 4 किमी की दूरी पर स्थापित कालीचौड़ मंदिर के लिए काठगोदाम गौलापार मार्ग पर खेड़ा सुल्तानपुरी से... Read more
चौली की जाली मुक्तेश्वर: जहां शिवरात्रि में होती है संतान प्राप्ति की कामना पूर्ण
शिवरात्रि के पर्व मे आस्था का अनोखा मंजर सामने आता है मुक्तेश्वर के चौली की जाली नामक पर्यटक स्थल पर, सैकड़ों की तादाद मे इस दिन शादीशुदा महिलाएं, जिन्हें तमाम कारणों के चलते संतान सुख प्राप... Read more
करोड़ों वर्षों पूर्व से जब मानव ने जब आग जलाना और उस पर काबू करना नही सीखा था, तब से ही वनों में आग प्राकृतिक रूप से लगती रही है. प्राकृतिक कारणों में शुष्क परिस्थितियों में घर्षण के कारण चि... Read more


























