क्या हम इतने बुरे थे
कल कमाल हो गया. हम लिखते और देखते ही रह गए और हमारा मित्र अमर हो गया. कल आलोचक जी ने उसको भर-भर के गालियां दीं. ऐसी गालियां जिनकी साहित्यकार केवल तमन्ना ही कर सकते हैं. न जाने कितने लेखक-कवि... Read more
दारमा घाटी: स्वर्गारोहण के दौरान जहां पांडवों ने पांच चूल्हे लगाकर अंतिम भोजन बनाया
दारमा घाटी की ख़ूबसूरती की व्याख्या शब्दों में कर पाना बहुत कठिन है. इन तस्वीरों को देखकर आप महसूस कर सकते है कि वहाँ पहुँच कर प्रकृति के इन रंगों को अनुभव करने से मन को कितना सुकून मिलता हो... Read more
डरे हुये बच्चों की दवा होता था आमा के हाथ का बिंदा
आमा के हाथ का जादू सिर्फ खाने के जायके तक सीमित नहीं था. उसके हाथों ने गॉंव के उन तमाम लोगों के रोग और व्याधियों को भी दूर किया था जो डॉक्टरों के इंजेक्शनों और दवाईयों के बिलों के बोझ तले दब... Read more
हल्द्वानी वाले बुआ-फूफा जी और उनके स्मार्ट फोन
उनकी गृहस्थी सुन्दर थी. फूफा बुआ को स्कूटर पर घुमाते थे. हर इतवार या छुट्टी के दिन वे दोनों किसी न किसी रिश्तेदार के यहाँ हो आते थे. दो से तीन होने पर भी आने जाने का यह सिलसिला बना रहा. फूफा... Read more
पीन सुंदरी: उत्तराखण्ड की नायिका कथा
मेरे एक दोस्त कहते थे महिलाएँ सब एक सी होती हैं. उनका संदर्भ शायद शेक्सपियर के औरत तेरा दूसरा नाम बेवफाई है, से जुड़ता होगा. मैं इतना सार्वभौम सामान्यीकरण करने का दुःसाहस नहीं कर सकता. कुछ न... Read more
‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने का अवसर नहीं दिया जिससे हम बायां अंगूठा लगाने को मजबूऱ हैं, लेकिन अब अगर राजा के कर्मचारी ‘कर’ आदि वसूलने आयें तो हमें उन्हें अपना दायां अंगूठा दिखाना चाहिए... Read more
ढलती उम्र में बेडौल शरीर की स्त्री को बच्चा ही ख़ास होने का एहसास दिलाता है
4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – 60 (Column by Gayatree Arya 60)पिछली किस्त का लिंक: सभी मां-बाप बचपन से बच्चों को ‘सदा सच बोलो’ का पाठ पढ़ाते हैं मेरे बच्चे ये सच है कि मैं अभी तुम्हें पैदा... Read more
उत्तराखण्ड के लोक संगीत के एक युग थे जीत सिंह नेगी
एक पखवाड़े के भीतर उत्तराखण्ड के लोक संगीत को दूसरा बड़ा झटका रविवार 21 जून 2020 को लगा, जब यहॉ के लोकसंगीत के एक आधार स्तम्भ जीत सिंह नेगी का 94 साल की उम्र में देहरादून में निधन हो गया. इस... Read more
साल 2014 में मैं जब जीत सिंह नेगीजी से पहली बार रूबरू मिला था तो सोचा था कि वापसी में ढेर सारे गीतों का खज़ाना मेरे पास होगा. ये जानकर बहुत कष्ट हुआ था कि खुद उनके पास भी उनके गीत ग्रामोफोन... Read more
बड़ी पुरानी कथा है. एक गाँव में एक लड़के को उसके बाप ने बड़े ही लाड़ से पाला. मां के मरने के बाद से ही घर में सालों से दो मर्द ही रहे. जब लड़के के ब्या की बारी आई तो इस बात से लड़की मिलने मे... Read more


























