आज भी जौलजीबी मेले का नाम सुनते ही लोगों के ज़हन में काली पार, एक खुले मैदान में खड़े घोड़ों की तस्वीर आ जाती है, कतार में खड़े हुम्ला-जुमला के घोड़े. कद में छोटे और व्यवहार में अधिकांश पहाड... Read more
आज से 102 साल पहले, साल 1918 के 11वें महीने का 11वां दिन और समय सुबह के ठीक 11 बजे. दुनिया ने चैन की साँस ली थी जब उसे पता चला कि पिछले चार साल से चला आ रहा प्रथम विश्वयुद्ध समाप्त हो गया है... Read more
पिछली एक सदी में यह पहली बार होगा जब ऐतिहासिक जौलजीबी के मेले का आयोजन नहीं किया जायेगा. 1962 के भारत तिब्बत युद्ध से पहले जौलजीबी का मेला भारत के सबसे बड़े व्यापारिक मेलों में शुमार था. काल... Read more
नकुलेश्वर मंदिर पिथौरागढ़ जिले में स्थित है. माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडव भाइयों में नकुल द्वारा किया गया था इसीकारण इसे नकुलेश्वर कहा जाता है. सड़क से कुछ किमी की दूरी पर स्थित... Read more
पहाड़ के खोईक भिड़ महज घरों के आगे की निर्जीव दीवार भर नहीं हुआ करती बल्कि यहां के पारिवारिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संबंधों की पहचान तथा चेतना के केन्द्र थे. पहाड़ों की भौगोलिक संरचना जिस तरह... Read more
दिवाली के बताशों में मिठास भरते हैं वनभूलपुरा के रियाज़ हुसैन उर्फ लल्ला मियां
दीपावली की पहचान खील-खिलौने और बताशों से ही है जनाब. उम्र के सौ वर्ष पूरे चुके हल्द्वानी वनभूलपुरा निवासी रियाज़ हुसैन उर्फ लल्ला मियां अपने कमरे के एकांत में बैठे हुए इतना ही कह पाए और फिर... Read more
पहाड़ में दिवाली, धान और उसके पकवान
दिवाली में जिस धान्य का सबसे ज्यादा प्रयोग होता है वह है धान. धान को शुभ माना जाता है. देवता को अक्षत वारने से ले पिठ्या लगाने कलश स्थापन, भूमि पूजन, संकल्प पूजन में इसका प्रयोग होता है. अखं... Read more
धारी देवी मंदिर
पिछले एक महीने में अपने शोध कार्य को लेकर केदारनाथ की यह मेरी दूसरी यात्रा थी. हर बार की तरह इस बार भी सोन प्रयाग तक की यात्रा बाइक से व गौरीकुंड से केदारनाथ तक की यात्रा पैदल तय की गई. बाइक... Read more
पहाड़ की सड़कों पर अभी गाड़ियों की कमी थी. रोडवेज और केमू की बसें ही लोगों की यात्रा का सहारा था. छोटी गाड़ियां अभी नहीं के बराबर चलती थी. ये 1990 का साल था. इस साल की 18 अक्टूबर के दिन कुमा... Read more
माल्टा सुनकर देश और दुनिया के लोगों के दिमाग में भले यूरोप का सबसे छोटा देश आता हो पर एक ठेठ पहाड़ी के सामने उभरती है एक रसदार नारंगी फल की तस्वीर. माल्टा सुनते ही उसके मुंह के भीतर अलग-अलग... Read more


























