Featured

उत्तरकाशी में आपदा राहत कार्य में लगा हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त

उत्तरकाशी के आराकोट में राहत सामग्री पहुंचा कर लौट रहा एक हेलीकॉप्टर बुधवार को क्रैश हो गया है. इस घटना में तीन लोगों की मौत होने की ख़बर आ रही है. अब तक हेलीकॉप्टर क्रैश की घटना के कारणों को लेकर विस्तृत व पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने फेसबुक पेज में घटना पर शोक जताते हुये लिखा है कि

उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों में लगे हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर अत्यंत दुःखद है. ईश्वर से मृतात्माओं की शांति व उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मृतकों के लिये पन्द्रह-पन्द्रह लाख रूपये के मुवाजे की घोषणा की है.

हेलीकॉप्टर आराकोट में राहत सामग्री बांट कर वापस लौट रहा था और इसी दौरान वह पहाड़ी से टकराने के कारण क्रैश हो गया. अब तक आई ख़बरों के अनुसार हेलीकॉप्टर के तार से टकराकर क्रैश होने की बात भी सामने आ रही है.

यह हेलीकॉप्टर हैरिटेज कंपनी का था जो मोलडी के पास क्रैश हुआ है. हेलिकॉप्टर उत्तरकाशी में आपदाग्रस्त क्षेत्र मोरी से मोल्दी जा रहा था. हेलिकॉटर में पायलट राजपाल, को-पायलट कपताल लाल और स्थानीय व्यक्ति रमेश सवार थे. दुर्घटना के बाद से तीनों शव बरामद कर दिए गये हैं. ख़बर लिखे जाने तक राहत-बचाव कार्य के लिए आराकोट से बचाव दल के साथ एक हेलीकॉप्टर हादसे वाली जगह भेज दिया गया है.

-काफल ट्री डेस्क

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…

4 hours ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…

1 day ago

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

1 month ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

1 month ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

1 month ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

1 month ago