यस्य गृहे चहा नास्ति, बिन चहा चहचहायते
Posted By: Kafal Treeon:
नैनीताल में मेरे क्लासफैलो थे कामरेड दीनबंधु पन्त. विचारधारा से वामपंथी इन जनाब की खासियत यह थी कि वे पारिवारिक पेशे से पुरोहित थे. जाहिर है संस्कृत पर उनकी गहरी पैठ थी. कबाड़ के निर्माण में... Read more
कटकी के बिना अधूरी है पहाड़ी चाय
Posted By: Girish Lohanion:
महानगरों से आने वाली अधिकतर बस पहाड़ी इलाकों में तड़के सुबह ही प्रवेश करती है. सुबह की ताज़ी हवा में चाय की ख़ास सुगंध आपका स्वागत करती है. पहाड़ी चाय की पहली घूट आपके शरीर को इस कदर तरोताजा कर द... Read more
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