आज भले हम इस जद्दोजहद में फंसे हैं कि कुमाऊनी को एक हम एक बोली के रूप में कैसे बचा सकें. कैसे हम आने वाली पीढ़ी तक अपनी बोली को किसी तरह पहुंचा सकें? एक ऐसे समय में जब हमारी शिक्षा व्यवस्था स... Read more
चीर बंधन के साथ होती है खड़ी होली की शुरुआत
कुमाऊनी होली में है ब्रज का प्रभाव कुमाऊँ में अधिकतर त्यौहार मौसम चक्र के बदलने या फिर फसलों को बोने या फिर उन्हें काटने के बाद ही मनाये जाते रहे हैं. इस तरह हमारे त्यौहार हमें जीवन चक्र की... Read more
मालूशाही गायन का खलीफा मोहन सिंह रीठागाड़ी
सेराघाट मंडी के उस पार ग्राम धपना (पिथौरागढ़) सन 1905-06 के आस पास मोहन सिंह का जन्म हुआ था. पिता का नाम था, ठाकुर हिम्मत सिंह बोरा. ठाकुर साहब की दो शादियां हुई थी. उनके आठ बेटे और संभवतः ती... Read more
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