रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 5
(पिछली क़िस्त का लिंक – रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 4) सुबह उजाला हुआ तो मैं बाहर निकल आयी. मौसम साफ है. आसमान में कोई बादल नहीं हैं. आज पहली बार मैं नीला आसमान और धू... Read more
रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 4
(पिछली क़िस्त का लिंक – रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 3) वेदनी बुग्याल को पार करते हुए हम घोड़ा लौटानी की ओर निकल गये और वहाँ से पाथरनचुनिया जायेंगे. जहाँ हमारा आज का कै... Read more
रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 3
(पिछली क़िस्त का लिंक – रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 2) सुनसान बुग्याल में मुझे दो युवा चरवाहे भेड़ चराते दिखे. मैंने हँसते हुए पूछा – बस एक ही भेड़. उनमें से एक न... Read more
रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 2
(पिछली क़िस्त का लिंक – रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 1) मेरे पहुँचते ही मुझे चाय मिल गयी. इस समय चाय से ज्यादा जरूरत हाथ-मुँह धोने के लिये ठंडे पानी की है इसलिये मैं प... Read more
रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 1
रूपकुंड की रहस्यमयी झील के बारे में मैं बहुत किस्से सुने चुकी हूँ. खासकर की झील के चारों ओर बिखरे हुए नरकंकालों के बारे में पर अब मैं इन रहस्यों और किस्से कहानियों को अपनी नजरों से देखना चाह... Read more
गांधी जयन्ती पर कुछ दुर्लभ कार्टून
गांधी जयन्ती पर इन दुर्लभ कार्टून्स को उपलब्ध करवाया है हमारी स्तंभकार/ फोटोग्राफर विनीता यशस्वी ने. इन्हें बरसों पहले 1970 में अहमदाबाद के नवजीवन प्रकाशन मंदिर द्वारा प्रकाशित पुस्तक... Read more
अल्मोड़ा में मोहर्रम के ताजिये
अल्मोड़ा में पिछले कई दशकों से मुहर्रम के अवसर पर ताज़िये बनाये जाते हैं जिसे अंजुमन सेवा समिति द्वारा आयोजित किया जाता है. ये ताज़िये बेहद कलात्मक और सुंदर होते हैं जिनके अंदर तरह-तरह लाइट्स भ... Read more
17 सितम्बर 2018 को शुरू हुआ 3 दिवसीय नन्दा देवी महोत्सव आज डोले के विसर्जन के साथ ही समाप्त हो गया. विसर्जन से पहले डोले को भव्य आयोजन के साथ पूरे शहर में घुमाया गया. कई सालों बाद इस बार पूर... Read more
17 सितंबर 2018 से नैनीताल में नन्दा देवी मेले की शुरूआत हो गयी है. नन्दा देवी की मूर्तियों को बनाने के लिये केले के वृक्ष 15 तारीख को शहर में लाये गये और 16 को नन्दा—सुनन्दा की मूर्तियां बना... Read more
पुणे की गणेश चतुर्थी तस्वीरों में
पुणे की गणेश चतुर्थी की ये तस्वीरें अपने कैमरे से हम तक पहुंचाई हैं हमारी नियमित फोटोग्राफर-स्तम्भकार विनीता यशस्वी ने काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल... Read more
Popular Posts
- पहाड़ो में भूस्खलन
- जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई
- हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी
- हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब
- 28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई
- दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास
- गांधीजी ने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलन का संचालन कैसे किया?
- भारत में आँसू गैस के गोले सबसे पहले अंग्रेज़ लाए थे
- कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल
- हरेला: प्रकृति, परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- हरेले के रंग में पहाड़ : फोटो निबन्ध
- अब हल्द्वानी में पहाड़ी उत्पादों के सबसे विश्वसनीय ब्रांड ‘मुनस्यारी हाउस’ की शुरुआत
- खड़कमाफी के जीवन में एक दशक से विचरते एकदंत गजराज
- क्या उत्तराखंड, पारिस्थितिक वहन क्षमता को लागू कर सकता है?
- रिंगाल आधारित शिल्प : उत्तराखण्ड का एक परम्परागत कुटीर उद्योग
- कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा
- चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार
- मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब
- पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे
- ‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है
- सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन
- मानव और प्रकृति का संबंध प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है
- न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार
- कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा
- दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है
