बहुत जरूरी है प्लास्टिक के विकल्प की खोज करना
मैं कुछ दिन पहले पूर्णागिरी मंदिर गयी थी तो मैंने देखा कि घुरड़ और बंदर मंदिर से फेंके गये कूड़े को खाने के लिये आ रहे हैं. इस कूड़े में भी प्लास्टिक का कचरा (Plastic Pollution) ही अधिक था. इस... Read more
बड़ी महिमा है नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे की
तेज हवा के झोंकों और हल्की-हल्की बारिश के बीच नानकसागर (Nanakmatta Sahib) के किनारे खड़े होकर उसमें उठती लहरों को देखना भी एक अलग अनुभव है. बेहद विशाल सागर है ये. जहां तक नजर जाती है बस नीला... Read more
आजादी की लड़ाई में पहाड़ के पत्रकार
भारत की आजादी में उत्तराखंड के पत्रकारों (Uttarakhand Journalists) ने भी सक्रिय भूमिका निभाई थी. ऐसे ही कुछ बहादुर पत्रकारों का संक्षिप्त परिचय – अनुसूया प्रसाद बहुगुणा अनुसूया प्रसा... Read more
उत्तराखण्ड का पूर्णागिरि मंदिर
पूर्णागिरि मंदिर उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले के टनकपुर नगर में काली नदी, जिसे शारदा नदी भी कहते हैं, के दाएं किनारे पर स्थित है. चीन, नेपाल और तिब्बत की सीमाओं से घिरे और सामरिक दृष्टि... Read more
History of Durga Sah Library in Nainital
Read in Hindi An interesting episode is linked to how the Durga Sah Library came into existence in Nainital. Late Mr. Mohan Lal Sah, an eminent citizen of the town, frequently rued the fact... Read more
यह सब जानना चाहिए ब्रह्मकमल के बारे में
58 तरह का ब्रह्मकमल हालांकि इसका नाम ब्रह्मकमल (Brahmakamal) है पर यह तालों या पानी के पास नहीं बल्कि ज़मीन में होता है. ब्रह्मकमल 3000-5000 मीटर की ऊँचाई में पाया जाता है. ब्रह्मकमल उत्तराखं... Read more
कत्यूरियों के समय का है रानीबाग का चित्रेश्वर मंदिर उत्तरायणी (Uttarayani) यानी मकर संक्रान्ति (Makar Sankranti) के दिन नैनीताल (Nainital) से 28 किमी. दूर स्थित रानीबाग (Ranibagh) नाम की जग... Read more
कोसी कटारमल का सूर्य मंदिर
कोसी कटारमल के सूर्य मंदिर कैम्पस में खड़े होकर एक पत्थर जिसमें अजीब सी भाषा में कुछ लिखा हुआ है, की ओर इशारा करते हुए शम्भू राणा जी ने मुझसे कहा – ‘क्या तुम इस भाषा के बारे में कुछ जान... Read more
मैं दूटी हुई लकड़ी की एक पुरानी बेंच पर थोड़ा थकी हुई सी बैठ गयी. मेरे सामने हिमालय की काफी लम्बी श्रृंखला है जिसे देखते हुए मैंने अपनी थकावट थोड़ा कम की. अचानक मेरा ध्यान एक कमरे के अंदर गया ज... Read more
देओ टिब्बा का ट्रेक
हिमांचल प्रदेश में स्थित देओ टिब्बा चोटी की समुद्रतल से ऊँचाई 6001 मीटर है. इस चोटी में समिट करना काफी तकनीकी है. इस ट्रेक की शुरूआत मनाली से होती है. मैं सुबह ही मनाली से ट्रेक के लिये निकल... Read more
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