उत्तराखंड हाईकोर्ट: स्कूल पर 48 घंटे में दर्ज करें केस, स्कूली वाहनों में लगाएं सीसीटीवी और जीपीएस
स्कूली वाहनों में छेड़छाड़ की घटनाओं को नैनीताल हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है. साथ ही हल्द्वानी में स्कूल वैन में बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एसएस... Read more
न्यायपालिका को अब सरकार में बैठ कर आराम से शासन चलाना चाहिए. इससे लोगों की समस्याएं सीधे तौर पर कम होंगी. आम जनों को जल, जंगल, जमीन, पशु, पक्षी, नशा, प्रदूषण के मुद्दों पर सुधारात्मक परिवर्त... Read more
सरकार और हाईकोर्ट के बीच झूलता उत्तराखण्ड
उत्तराखण्ड सरकार राज्य में पूंजी निवेश के लिए देश विदेश में इन दिनों ‘रोड शो’ कर रही है. मुख्यमंत्री समेत सरकार के तमाम मंत्री और बड़े नौकरशाह ‘रोड शो’ के जरिये उत्तराखण्ड में ‘आल इज वेल’ और... Read more
Popular Posts
- बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से
- उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास
- उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर
- बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’
- कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?
- कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?
- घमंडी पिता और उसकी सीख
- उत्तराखंड के पेड़-पौधे: लोकज्ञान और औषधीय सत्य
- सामाजिक उत्पीड़न को सम्पूर्णता में व्यक्त करते हैं ‘जागर गीत’
- क्या चंद शासकों से पहले अल्मोड़ा में नंदादेवी का कोई मंदिर था?
- ‘काल्द’ यानी भैरव पहली बार कैसे प्रकट हुए?
- कैसा था नंदा देवी में गायब हुआ परमाणु डिवाइस?
- उपकोशा और उसके वर
- मेहनती भालू और चालाक सियार की लोककथा
- बाल, माल व पटालों का शहर : अल्मोड़ा
- आज ‘नशा नहीं-रोजगार दो आन्दोलन’ की 42वीं वर्षगांठ है
- 200 साल पुराने यात्रा-वृतांत में कुमाऊँ के ‘खस’
- तिवारी मॉडल में पहाड़ की उद्योग नीति और पलायन
- बंदर बहादुर के चोर तेंदुए को जंगल से भगाने वाली लोककथा
- 200 साल पहले कैसा था उत्तराखंड
- जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे
- एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा
- तिब्बती समाज की बहुपतित्व परंपरा: एक ऐतिहासिक और सामाजिक विवेचन
- इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक
- नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !
