अभावों से अर्जुन अवार्ड तक का सफ़र
उत्तराखंड के औद्योगिक शहर रुद्रपुर के निवासी पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी मनोज सरकार का नाम साल 2018 के अर्जुन अवार्ड प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों में सूची में शामिल है. मनोज सरकार ने आर्थिक रूप से अ... Read more
गुप्त वंश तथा कुमाऊं भाग-3
तोरमाणः- सन् पांच सौ ई. के लगभग हूण सरदार तोरमाण ने मालवा तक अपना शासन स्थापित किया और महाराजाधिराज की पदवी धारण की. तोरमाण के पुत्र मिहिरकुल की राजधानी शाकल सम्भवतः सहारनपुर देहरादून की सीम... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 15
पहला दखल वो एक नम सुबह थी. ये बताना मुश्किल है कि कल रात की ओस ने देवदार की गहरी हरी छाल और उससे टकराकर निकलती हवाओं में ज्यादा नमी छोड़ी थी या मेरी आँखों में. वो हवा जो पेड़ों के गलियारों से... Read more
लखनऊ में बर्लिंगटन चौराहे से केसरबाग को जाने वाली सड़क पर ओडियन सिनेमाघर से कुछ आगे, बाएं हाथ की तरफ कालीबाड़ी नाम का पुराना मुहल्ला है. वहां काली का पुराना मंदिर होने से यह नाम पड़ा. कालीबाड़ी... Read more
गुप्त वंश तथा कुमाऊं भाग-2
कर्तृपुर(कत्यूर):- समुद्रगुप्त के इलाहाबाद के अशोक स्तम्भ पर खुदी हुयी हरिषेण की प्रषस्ति में पराजित राजाओं में कर्तपुर का नाम नेपाल के बाद लिया गया है. इसलिये इतिहासकारों ने इसे कार्तिकेयपु... Read more
देहारादून में दून अस्पताल के फर्श पर बच्चे को जन्म देने वाली प्रसूता और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गयी. यह उसी देहारादून में हुआ, जहां एक तरफ विधानसभा का सत्र चल रहा था. विधानसभा में एक दिन... Read more
गुप्त वंश तथा कुमाऊं भाग-1
कुषाण शासन के विघटन के उपरान्त उत्तर भारत में जिन राजाओं ने अपने छोटे-छोटे स्वतंत्र राज्य स्थापित किए उनमे से एक का नाम घटोत्कच गुप्त था. गुप्त वंश का संस्थापक इन्हीं को माना जता है. कुछ इति... Read more
हम कक्षा तीन से गाय पर कक्षा पांच से द काऊ पर निबंध और ऐसे (essay ) लिखते आ रहे हैं. गाय हमारी माता है और काऊ इस ऑवर मदर हमारे खून में घुस चुका है. आज उत्तराखंड विधानसभा ने बच्चों को निबंध... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 14
मुगले आजम (सलीम-अनारकली एंड वाट इज़ देयर इन नेम) इसकी पटकथा भी वहीं लिखी गयी त्रिशूल के कमरा नंबर पांच की सबसे पीछे वाली पंक्ति में जहां हमारी प्रतिभा जबर्दस्त हिलोरें मारती थी. उस दिन आनंद अ... Read more
गोलू देवता की कहानी
ग्वल्ल ज्यू की जन्म भूमि ग्वालियूर कोट चम्पावत थी. इस ग्वालियूर कोट में चंद वंशी राई खानदान का राज्य था जिनमें हालराई, झालराई, तिलराई, गोरराई और कालराई आदि प्रमुख राजा हुए. ग्वल्ल ज्यू के पि... Read more
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