मध्यकाल में अपनी खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध कुमाऊं राज्य के तराई व भाबर क्षेत्र अत्यधिक ऊपजाऊ होने के कारण प्रचुर मात्रा में राजस्व प्रदान करते थे. मध्यकाल में मुस्लिम शासक यह समझते थे कि कु... Read more
उत्तराखंड के आदि निवासी कौन हैं
उत्तराखंड के आदि निवासी कौन हैं सदियों से बहस का मुद्दा रहा है. सवाल का उत्तर जो भी हो पर इस बात पर दोराय नहीं है कि वर्तमान में उत्तराखंड में रहने वाली अधिकांश जातियां बाहरी हैं. यहां रहने... Read more
ऐतिहासिक संदर्भ कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्र में मुख्य रूप से अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत और नैनीताल में ताज़िया बनाने की बहुत पुरानी परम्परा है. गमी का यह पर्व हिन्दू-मुस्लिम एकता और आपसी सह... Read more
पहाड़ में अब भी बड़े बुजुर्ग कहते हैं सबका बैर झेला जा सकता है पटवारी का बैर नहीं. अब भले पटवारी की शक्ति उतनी नहीं है फिर भी वह अपनी पट्टी में राजा से कम नहीं है. आज भी कई ऐसे मामले हैं जहां... Read more
चंद राजाओं के शासनकाल में 36 तरह के राजकर वसूले जाते थे, जिन्हें छत्तीसी कहा जाता था. थातवान परगनाधिकारी— सीरदार या सिकदार के मार्फत कर को राजकोष में जमा करते थे. उपज का छठा भाग ही कर में लि... Read more
[पिछली क़िस्त: 24 अप्रैल 1884 को सबसे पहले रेल पहुंची थी काठगोदाम में] काठगोदाम में गौला नदी पर सन 1913-14 में लार्ड हार्डिंग ने 350 फीट लंबा बहुत आकर्षक धनुषाकार पुल बनवाया. जिसमें नीचे से... Read more
नैनीताल जिले का छोटा सा कस्बा मुक्तेश्वर अंग्रेजों की देन है. लिंगार्ड नामक एक अंग्रेज ने इसकी खोज की और उसके बाद ब्रिटिश हुकूमत ने अनुसन्धान कार्यों के लिए इसको चुना. धीरे-धीरे आजादी के बाद... Read more
ब्रह्मपुर चौथी व छठी-सातवीं शताब्दी के मध्य में उत्तराखण्ड के पर्वतीय राज्य की राजधानी हुआ करती थी. इतिहासकारों के अनुसार गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद उत्तरी भारत में पैदा हुए छोटे-छोटे राज... Read more
उत्तराखण्ड में स्थित अल्मोड़ा जनपद का पश्चिमी सीमावर्ती इलाका सल्ट कहलाता है. तीखे ढलान वाले रुखे-सूखे पहाड़, पानी की बेहद कमी, लखौरी मिर्च की पैदावार और पशुधन के नाम पर हष्ट-पुष्ट बैल इस इल... Read more
उत्तराखण्ड के स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन के सूत्रपात में प्रमुखतया महात्मा गांधी की भूमिका मानी जाती है. राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के कार्यक्रमों व अधिवेशनों में उत्तराखण्ड के व्यक्तियों की... Read more
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