एक मरा हुआ मनुष्य इस समय जीवित मनुष्य की तुलना में ज़्यादा कह रहा है: मंगलेश डबराल की याद में
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मैं जब भी यथार्थ का पीछा करता हूं देखता हूं वह भी मेरा पीछा कर रहा है मुझसे तेज़ भाग रहा है. उस रोज़ कौन जानता था कि वो नये सफ़र पर निकलने वाले थे. ये न घर का रास्ता था न कोई आवाज़ थी न कोई... Read more
अलविदा मंगलेश दा
Posted By: Kafal Treeon:
जिनकी स्मृति में बिजली के लट्टुओं से जगमग पहाड़ की ही छवि है वो पहाड़ में लालटेन के बिम्ब का निहितार्थ कभी समझ ही नहीं सकते. पहाड़ में लालटेन औद्योगिकीकरण का प्रथम संदेशा लेकर आयी थी. पर पहा... Read more
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