साझी पीड़: एक बुजुर्ग पहाड़ी विधवा का दर्द
Posted By: Kafal Treeon:
बाहर से छन कर आती हुई धूप में एकाएक वह प्रकट हुई. बाएँ हाथ से घुटने को सहारा देते हुये और दाहिने हाथ से दरवाजा थामते हुए खुद को. मैंने उस अनजान वृद्धा को आते देखकर एक नजर गमी में बैठी दीदी क... Read more
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