साहिर लुधियानवी का गीत जिसमें मोहब्बत जैसे नाजुक विषय पर खुलेआम शास्त्रार्थ है
Posted By: Girish Lohanion:
हर तरफ हुस्न है, जवानी है,आज की रात क्या सुहानी हैरेशमी जिस्म थरथराते हैं,मर्मरी ख्वाब गुनगुनाते हैंधड़कनों में सुरूर फैला है,रंग नज़दीक-ओ-दूर फैला हैदावत-ए-इश्क दे रही है फज़ा,आज हो जा किसी... Read more
सुनील दत्त नैनीताल में
Posted By: Sudhir Kumaron:
सुनील दत्त (6 जून 1929-25 मई 2005) हिंदी सिनेमा के रुपहले पर्दे पर सुनील दत्त के नाम से पहचाने जाने वाले बलराज दत्त 1963 में बनी हिंदी फिल्म गुमराह की शूटिंग के सिलसिले में नैनीताल आये थे. ग... Read more
Popular Posts
- कुमाऊं में रामलीला की परम्परा
- ‘पायर’ फिल्म के सुलगते सवाल…
- हुक्का क्लब अल्मोड़ा की रामलीला से एक्सक्लूसिव तस्वीरें
- ‘पायर’ पहाड़ की ठोस पीठ है
- धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’
- गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी
- देवदार या देव दारु
- कसारदेवी : जहां स्वर्ग के सबसे करीब होने का अहसास होता है
- दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व
- पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता
- अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें
- अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक
- सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन
- उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज
- कामिनी तुम कौन?
- पूर्वी नयार नदी की वो बाढ़
- कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा
- बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार
- आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”
- भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्
- उत्तराखण्ड के सरोवर
- दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध
- सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा
- पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल
- घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान
