गढ़वाल के बुग्याल
‘नंदादेवी का सफल आरोहण’ के लेखक पर्वतारोही टी. जी. लांगस्टाफ उत्तराखंड हिमालय से सम्मोहित अभिभूत व रोमांचित रहे. इस सुरम्य अल्पाइन भू भाग के भ्रमण व कई यात्राओं से मुग्ध हो उन्हो... Read more
सोर की होली के रंग
सोर की होली के रंग ही निराले. एक तरफ अल्मोड़े की बैठि या बैठकी होली के सुर आलाप तो दूसरी ओर गुमदेश-लोहाघाट-चम्पावत -पाटी की थिरकती नाचती हर थाप पे मदमाती खड़ी होली का संगम होता. बैठ कर गाई-ब... Read more
टिहरी रियासत के कारकुनों ने 11 जनवरी 1948 को कीर्तिनगर गढ़वाल में नागेंद्र सकलानी और मोलू भरदारी की हत्या कर दी. कामरेड नागेंद्र सकलानी और मोलू भरदारी की अर्थियों को ले कर जो लोग 12 जनवरी को... Read more
अल्मोड़ा से छत्तीस किलोमीटर दूर पूर्व उत्तर दिशा में देवदार के घने पेड़ों की घाटी में एक सौ चौबीस छोटे बड़े मंदिरों का समूह जागेश्वर है. यहाँ देवदारु के पेड़ हैं इसलिए यह ‘दारूकावन... Read more
पहाड़ में राजस्व के साथ पुलिस भी संभाले पटवारी
गों घर हो या पट्टी, अंग्रेज की शकल किसने देखी? पर पटवारी वो तो साक्षात् राजसेब हुआ.जरा उसकी आँख में बाल पड़ा कि पुरखों के सहेजे खेत पात कागजात खसरा खतौनी पर काली अमिट सियाही का दाग पड़ते देर... Read more
गोरी गंगा नदी पर बसी नयनाभिराम घाटी है जोहार की उपत्यका. जो घिरी है पंचचूली, राजखंबा, हंसलिंग और छिपलाकेदार पर्वत श्रृंखला से. अप्रतिम सौंदर्य के सम्मोहन से इसे “सौ संसार एक जोहार... Read more
1930 के दशक में पिथौरागढ़ जैसे दूरस्थ कस्बे में पहला रेडियो लाए धनीलाल और फिर दिखाया सोर वासियों को सिनेमा. इस पर एक लेख मुझे इतिहास के खोजी प्रवक्ता डॉ दीप चंद्र चौधरी ने सोर घाटी के जाने अ... Read more
एबट माउंट में ख़ब्बीस से इक मुलाक़ात
जी हाँ, ये मुलाक़ात सच्ची है महज़ किस्सागोई नहीं. ख़ब्बीस के मुलाकाती हैं पोलिटिकल साइंस में डी. लिट, दुबले पतले, बड़े पढ़ाकू, घुमक्कड़, हरफनमौला प्रोफेसर ज़ाकिर हुसैन. यारों के यार. इमोशनल... Read more
पहाड़ में सैणियों का प्रिय कमर का पट्टा
“नतिया, तु पूछण लाग रोछे यो सैणी कमर में के बांधनी?किले जे बांधनी? त यो भै भाऊ पट्ट, कमर में बांधणी पट्ट. येक भौते फैद भै”.(Hard Life of Pahadi Women) ये बताते कहते आमा ने अपनी क... Read more
नजर लगने से बचाने के लिये आमा-बूबू के टोने टोटके
जिसने मेरे लाल को नजर लगायी उसकी आँखें जल कर छार हो जाईं. रसोई में जलती बांज कुकाट की लकड़ियों के दहकते क्वेलों को पण्यू से टीप बड़े तवे में डाल आमा गुस्से में फनफनाई. बदजात काणी च्याव! म्या... Read more
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