मनकामना देवी का मनोहारी तीर्थ
भक्तों के मन की इच्छा पूरी करने वाला देवी भगवती का मंदिर ‘मनकामना को चिनो’ मनकामना मंदिर नेपाल का एक मुख्य शक्ति पीठ है. यह काठमांडू से चंद्रागिरि, बेनिघाट, चरंडी, कुरियन घाट होत... Read more
नेपाल में मुस्तँग : सीमित बसासत असीम जैव-विविधता
उत्तरी नेपाल के सुदूरवर्ती गँड़की प्रान्त में उत्तर की ओर फैले हिमालय में जहां आठ हजार मीटर ऊँचे अन्नपूर्णा व धौलागिरी के शिखर हैं तो दूसरी ओर रूखे वनस्पति विहीन होते जाते तिब्बती पठार जिनके... Read more
पहाड़ की मत्स्य नीति
पहाड़ में पानी की कमी नहीं. चौमास आते ही पहाड़ की धरती उमड़-घुमड़ बादलों से घिर जाती है. बारिश की फुहारों से तृप्त होने लगती है. वर्षा की रिमझिम यहां की ऊबड़-खाबड़ जमीन पर खड़े पेड़ों की असं... Read more
छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: मुड़ मुड़ के न देख
पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतरकथा : जिंदगानी के सफर में, हम भी तेरे हमसफ़र हैं “दस ग्यारह साल की उम्र रही होगी तब से उस पहाड़ पर जाने की जिद करते थे. आपुँ.. हो, कुन्ना बाबू. खूब... Read more
चीना रेंज में घने जंगल के बीच में रांची बिल्कुल सुनसान जगह में था जहां फारेस्ट क्वाटर थे. हमारा घर थोड़ी ऊंचाई पर था तो बाकी क्वाटर उससे नीचे. ज्यादातर वन विभाग के लोगों की ही आवत-जावत होती.... Read more
छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: उसके इशारे मुझको यहाँ ले आए
पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतर्यात्रा : आया है मुझे फिर याद वो ज़ालिम छिपलाकोट तक पहुँचने के तीन मुख्य पथ हैं. इनमें पहला जौलजीबी-मुनस्यारी मोटर सड़क पर मदकोट के पास शेराघाट से चेरती ग्व... Read more
पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतर्यात्रा : यूँ शाख पे उगतीं हैं कोमल कोंपलें सुबह जब भी आँखें खुलती खिड़की से आती धूप सीधे आँखों पर पड़ती. सामने दिखता वह पहाड़. अब बिस्तर पर पड़े रहने, लधरन... Read more
पिथौरागढ़ घूमते हुए चंडाक से मोष्टा मानू और आगे छेड़ा गाँव की ओर निकल जाइये. पंचचूली की नयनाभिराम पर्वत श्रृंखला के दाहिनी ओर दूर तक पसरी हुई छिपला कोट की मनमोहिनी पट्टी आपको दिखाई देगी. वही... Read more
धारचूला की बेटी सुमन कुटियाल दताल की एवेरेस्ट विजय
“ऊपर की ओर देखा तो सामने सागरमाथा की चोटी थी. मन में हिलोर सी उठी कि दौड़ कर जाऊं और सागरमाथा मां के चरण छू उनसे आशीर्वाद लूँ. पूछूँ उनसे कि माँ अब तक तुम कहाँ थी? आज अभी वह दिन आया जब... Read more
अब आदि कैलास की मोटर यात्रा
पिथौरागढ़ सीमांत में लिपुलेख तक जाने वाला पथ न केवल आदि कैलास व कैलास-मानसरोवर यात्रा के कारण बल्कि चीन की सीमा की समीपता से वर्तमान परिस्थितियों में सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्पूर्ण बन जात... Read more
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