यह हम सबकी चुगली है
मोहिनी, यह तुम्हारी घात नहीं है -नवीन जोशी तुमसे विनती है कि तुम, जो इसे पढ़ोगे, यही सोचना कि मैं उसकी ‘घात’ (शिकायत) नहीं कह रहा हूँ. अब तक सम्भाल कर रखी गई मेरी डायरी में उसका कहा लिखा है-... Read more
दिल ढूंढता है फिर वही नैनीताल एक्सप्रेस
सन 2016 के शुरुआती महीनों में लखनऊ से छोटी लाइन की ‘नैनीताल एक्सप्रेस’ ट्रेन पूरी तरह बंद होने की खबर पढ़कर यादों का पिटारा खुला तो खुलता ही चला गया था. बचपन के दिन. हर साल 20 मई को हमें स्कू... Read more
हम उन्हें राम भाई कहते थे. “राम भाई,” मई 2011 में एक दिन मैंने उन्हें फोन किया था- “साबरी ब्रदर्स की कव्वाली करा रहे हैं, आप जरूर आएं.” “माई प्लेजर” उन्होंने कहा था. वे आए. उस कार्यक्रम में... Read more
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