एक थी पुष्पा दीदी यह विशेषता बुआ जी के परिवार की ही नहीं, उस दौर में लगभग सार मध्यवर्गीय परिवारों की थी कि चूल्हे-चैके की सीमारेखा के बावजूद आपस में लोग सगे-संबंधियों की तरह रहते थे. हर आदमी... Read more
पीटर बैरन ने बायीं ओर की सलेटी शिला पर कुछ पलों के लिए अपनी पीठ टिकायी और जैकेट की ऊपरी जेब से डायरी निकालकर उसमें आज की तारीख का पन्ना खोला : 27 अप्रेल, 1835. उम्मेद सिंह और दुर्गादत्त पीठ... Read more
शेरवुड स्कूल का अमिताभ बच्चन और नैनीताल के छोकरे
1958-60 के वर्षों में जब अमिताभ बच्चन नैनीताल के मशहूर शेरवुड कालेज में पढ़ रहे थे उन दिनों मैं नगर पालिका के जूनियर हाईस्कूल में पढ़ रहा था. वे हमारे ही नहीं, नैनीताल के भी अच्छे दिन थे. शहर... Read more
नैनीताल के चिलम सौज्यू की दास्तान
बड़ा बाज़ार के पास वाले मोड़ पर ही, जहाँ किसी जमाने में घोड़ा स्टेंड था, उसी तिराहे पर, स्टेट बैंक की बगल में हल्की-सी दिखाई देती शिला के नीचे हमेशा दुबके रहते हैं चिलम सौज्यू. आप लोग उन्हें देख... Read more
आज जब नैनीताल समेत उत्तर भारत के सभी विख्यात हिल स्टेशनों में क्रिसमस-न्यू ईयर पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ा करती है, तमाम ट्रेवल एजेंसियां तरह-तरह के ऑफर्स दे रही हैं, छोटे-छोटे कस्बों में क्रिसम... Read more
अमित साह के कैमरे से नैनीताल
ठंड के मौसम में नैनीताल और भी सुहावना हो जाता है. युवा फोटोग्राफर अमित साह ने नैनीताल की सुबह और शाम की कुछ हालिया तस्वीरें भेजी हैं. नैनीताल के रहने वाले अमित साह की खिचीं तस्वीरों की दो क़ि... Read more
नैनीताल की नंदा देवी
उत्तराखण्ड में इष्ट देवी पार्वती के कई रूपों की पूजा की जाती है. पूरे राज्य में पार्वती के माँ नंदा स्वरूप में ढेरों मंदिर भी हैं. इन्हीं में से एक है नैनीताल का नैना देवी मंदिर. नैनीताल उत्... Read more
अमित साह का नैनीताल भाग – 2
अंग्रेजों के आधिपत्य के बाद ई. गर्डिन को 8 मई 1815 को कुमाऊं मण्डल के आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया. 1817 में कुमायूं के दूसरे आयुक्त जी.जे. ट्रेल ने कुमायूं के दूसरे राजस्व निपटान का स... Read more
अमित साह का नैनीताल
15 जनवरी 1982 को नैनीताल में जन्मे युवा फोटोग्राफर अमित साह (Photo Essay on Nainital ) ने बीते कुछ वर्षों में अपने लिए एक अलग जगह बनाई है. नैनीताल के ही सीआरएसटी इंटर कॉलेज और उसके बाद डीएसब... Read more
कहो देबी, कथा कहो – 2
पिछली कड़ी वे संगी-साथी हां तो सुनो, कक्षा में मेरे एक-दो दोस्त बन गए, लेकिन निवास पर मैं अलग-थलग-सा पड़ गया. भीतर के कमरे के सीनियर कुछ अलग जैसे रहते थे. उनके और मेरे कमरे के बीच कांच लगी एक... Read more
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