नैनीताल के हॉकी खिलाड़ी राजेन्द्र सिंह ठठोला की असमय मृत्यु सिस्टम की क्रूरता और बेपरवाही पर गंभीर सवाल है
नैनीताल के रहने वाले स्टेट और नेशनल लेवल के हॉकी खिलाड़ी राजेंद्र सिंह ठठोला का जीवन ऐसी त्रासदी की भेंट रहा जिसकी कोई अपने दुश्मनों के लिए भी दुआ नहीं करता. ( सिस्टम की क्रूरता और बेपरवाही... Read more
नैनीताल में कल की दीवाली
अब देखिये नैनीताल में कल की दीवाली की जबरदस्त तस्वीरें. इन्हें हमारे स्टार फोटोग्राफर अमित साह ने नैनीताल से भेजा है. काफल ट्री के फेसबुक पेज को लाइक करें : Kafal Tree Online फोटोग्राफर... Read more
नैनीताल को कुदरत ने जिस खूबसूरती की नियामत से नवाजा है, उतने ही दिलचस्प एवं अजीबोगरीब यहां के बाशिन्दों को तरह-तरह के किरदार भी दिये. ये चरित्र और उनकी स्मृति केवल गुदगुदाते ही नहीं, कभी-कभी... Read more
जन्मदिन पर गिर्दा की याद
गिर्दा एक खूबसूरत आदमी थे. उम्दा कोनों, सतहों, गहराइयों-उठानों वाला तराशा हुआ गंभीर चेहरा और आलीशान जुल्फें. और बात करने का ऐसा अंदाज कि जैसे खुद मीर तकी मीर कह रहे हों: (Remembering Girda t... Read more
नैनीताल की सात पहाड़ियां
नैनीताल की झील सात पहाड़ियों से घिरी हुई है. इन पहाड़ियों के नाम हैं: (Seven Hills of Nainital) अयारपाटा (समुद्र सतह से ऊंचाई: 7689 फीट) देवपाटा (समुद्र सतह से ऊंचाई: 7989 फीट) हांडी बांडी (... Read more
मोटर गाड़ियों के आने के काफी पहले काठगोदाम और नैनीताल के बीच यातायात की समस्याओं से निबटने के लिए अंग्रेजों द्वारा अनेक योजनाएं बनाई गयी थीं. इनमे सबसे पहली थी इन दो जगहों के बीच सामान के ढुल... Read more
बिशनी देवी साह – स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान जेल जाने वाली उत्तराखंड की पहली महिला
अंग्रेजों की दासता से पीड़ित भारतीय जनता ने आखिरकार 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का झण्डा बुलन्द कर ही दिया. इस बगावत की चिंगारी धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई. जिसका प्रभाव देश के सुदूर... Read more
दाड़िम के फूल – इस कहानी की एक कहानी है
मेरी कहानी ‘दाड़िम के फूल’ की भी एक मजेदार कहानी है. आनंद तब आए जब इससे पहले मेरे दोस्त बटरोही की कहानी ‘बुरांश का फूल’ पाठकों को पठने को मिले. तब यानी सन् 60 के दशक में हम नैनीताल के डीएसबी... Read more
वर्ष 1930. नैनीताल में विमला देवी, जानकी देवी साह, शकुन्तला देवी (मूसी), भागीरथी देवी, पद्मा देवी जोशी तथा सावित्री देवी स्वाधीनता आन्दोलन में बहुत सक्रिय थीं. यही साल था जब विमला देवी ने ‘ब... Read more
भारत के नेता स्पोर्ट्समैन नहीं होते और बाघों का अपना कोई वोट नहीं होता – जिम कॉर्बेट
जेम्स एडवर्ड कॉर्बेट को ‘पक्का’ साहब नहीं कहा जा सकता था क्योंकि उन्होंने मैट्रिक नहीं किया था और उन्हें सेना में वह कमीशन नहीं मिला जो गोरों के लिए आरक्षित था. उन्होंने बंगाल की उत्तर-पश्चि... Read more
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