पिछली सदी के महानतम कवियों में शुमार महमूद दरवेश ने, अपनी मृत्यु से एक साल पहले दिये गए एक साक्षात्कार में किसी पत्रकार के एक सवाल के जवाब में कहा था: “जब उम्मीद न भी हो, हमारा फ़र्ज़ बन... Read more
कामसूत्र से कुछ सबक
Posted By: Kafal Treeon:
कामसूत्र से कुछ सबक – महमूद दरवेश आसमानी प्याले के साथ उसका इन्तज़ार करो ख़ुशबूदार ग़ुलाबों के बीच वसन्त की शाम उसका इन्तज़ार करो पहाड़ चढ़ने का प्रशिक्षण पाए घोड़े के धैर्य के साथ उसका इन्तज़... Read more
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