जिन 8 महिलाओं के करीब रहे महात्मा गांधी
महात्मा गांधी की तस्वीरों में हमेशा उनके पीछे भीड़ देखी जा सकती हैं. इन तस्वीरों में हज़ारों की संख्या में स्त्री, पुरुष और बच्चे देखे जा सकते हैं. कस्तूरबा बाई, जवाहर लाल नेहरु, सरदार पटेल कु... Read more
गांधी का ग्रामस्वराज और आधुनिक ग्राम
पंचायतें इन दिनों उत्तराखंड में ग्राम पंचायत चुनाव की चर्चा जोरों पर है. ऐसे में ग्रामीण भारत के विषय में महात्मा गांधी के देखे स्वप्न और उसकी जमीनी हकीकत पर चर्चा करना प्रासंगिक होगा. महात्... Read more
ऐतिहासिक रहा है चनौदा का गांधी आश्रम
1929 में महात्मा गांधी ने कुमाऊं की यात्रा की थी. 22 दिनों की इस यात्रा में उनका लक्ष्य क्षेत्रीय स्तर पर राष्ट्रीय आन्दोलन को मजबूती प्रदान करना था. इस दौरान उन्होंने अपना अधिकांश समय कौसान... Read more
पिछली शताब्दी की महानतम प्रतिभाओं में एक थे बर्ट्रेंड रसेल. वे एक ऐसे गणितज्ञ थे जिन्हें नोबेल पुरुस्कार मिला था. यह उनके व्यक्तित्व का एक दूसरा बड़ा आयाम थे कि वे एक विख्यात दार्शनिक भी थे ज... Read more
जन्मदिन पर कस्तूरबा के बारे में कुछ अजाने तथ्य
काठियावाड़ के पोरबंदर नगर में जन्मीं कस्तूरबा गांधी Kasturba Gandhi (11 अप्रैल 1869 – 22 फरवरी 1944) का विवाह मोहनदास करमचंद गांधी के साथ तब हुआ था जब उनकी आयु तेरह वर्ष की थी और वे गांधी से... Read more
महात्मा गांधी और कुमाऊं
आजादी के आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी कुमाऊं की यात्रा पर आने से लगभग 15 साल पहले ही 1915 – 16 में हरिद्वार और देहरादून आ चुके थे. तब स्थानीय लोगों ने गांधी जी को आर्य समाज में बोलते... Read more
गांधी जयन्ती पर कुछ दुर्लभ कार्टून
गांधी जयन्ती पर इन दुर्लभ कार्टून्स को उपलब्ध करवाया है हमारी स्तंभकार/ फोटोग्राफर विनीता यशस्वी ने. इन्हें बरसों पहले 1970 में अहमदाबाद के नवजीवन प्रकाशन मंदिर द्वारा प्रकाशित पुस्तक... Read more
गांधी जयंती 2018: ‘मैं हिमालय की गोद में बैठा हूं’
आजादी की चेतना जगाने के लिए कुमाऊं के कई इलाकों में महात्मा गांधी घूमे. लेकिन कौसानी उनको इतना भाया कि उन्होंने यहां लंबा प्रवास किया. बापू 24 जून 1929 को कौसानी पहुंचे और 7 जुलाई तक यहां रु... Read more
महात्मा गाँधी का कौसानी प्रवास
भारत की आजादी के आन्दोलन में उत्तराखण्ड के कुमाऊं का स्वर्णिम योगदान रहा है. 1921 के कुली बेगार जैसे आन्दोलनों में बागेश्वर के स्थानीय नागरिकों ने गजब की राष्ट्रीय चेतना का परिचय दिया. जिस स... Read more
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