द्वितीय केदार मदमहेश्वर का रोचक यात्रा वृतांत
एक पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत युद्ध के बाद पाण्डव अपने कुल का नाश करने के पाप से मुक्ति हेतु भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने गये, लेकिन शिव उन्हें दर्शन नहीं देना चाहते थे. वे पाण्डवों... Read more
शिव की अति प्यारी विजया
विजया अर्थात संस्कृत में भंगा, मदकारिणी, मादनी, बंगाली में सिद्धि भांग, फ़ारसी में कनब, बंग,अरबी में किन्नाब व मराठी, गुजराती व हिंदी में भांग तो अंग्रेजी में Indian Hemp कही जाती है. इ... Read more
शिव को समर्पित सावन
शिव का अर्थ है कल्याणकारी. लिंग का अर्थ है सृजन. एक विशाल लैंगिक अंडाशय जिसका अर्थ है ब्रह्मांड. उल्कापिंड सा काला अंडाकार आकार ज्योतिर्लिंग कहा गया.(Savan dedicated to Shiva) शिव स्वयंभू है... Read more
महंत कहते हैं क्यूंकालेश्वर नहीं कंकालेश्वर है पौड़ी के इस विख्यात मंदिर का असली नाम
पौड़ी गढ़वाल में स्थित विख्यात कंकालेश्वर मंदिर को पर्यटन विभाग क्यूंकालेश्वर मंदिर के नाम से प्रचारित करता है अलबत्ता वहां रहने वाले महंत कहते हैं कि इसका वास्तविक नाम कंकालेश्वर है. वे मंद... Read more
कल्पकेदार: सत्रहवीं शताब्दी का पौराणिक शिव मंदिर
साल 1945 में धराली के ग्रामीणों को गंगा नदी के किनारे मंदिर का शीर्ष भाग नजर आया. कौतुहल के साथ ग्रामीणों ने खुदाई शुरू की. लगभग 14 फीट की खुदाई के बाद कल्प केदार मंदिर समूह का एक समूचा शिव... Read more
ऊखीमठ गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले का एक छोटा सा क़स्बा है. ऊखीमठ मन्दाकिनी नदी के तट पर बसा है. यह रुद्रप्रयाग चौपटा मार्ग पर रुद्रप्रयाग से 40 किमी की दूरी पर बसा है. ऊखीमठ में पौराणिक का... Read more
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में है भगवान शिव का मंदिर रुद्रनाथ. रुद्रनाथ पंचकेदारों में से एक है, इसे चौथा केदार माना जाता है. रुद्रनाथ में शिव के एकानन रूप यानि मुख की पूजा... Read more
पार्वती की ख़ुशी है फुल्यारी की संग्रांद
हे! बीरा फूफू, हे! बीरा फूफू, हे! बैरी (बहरी,) हे! सुनती है कि नहीं, मैं अपनी छज्जा के किनारे तब तक धै (आवाज) लगाती रही, जब तक ऊपर वाले खोले से ऊऊऊ नहीं सुनाई दिया. झट यहाँ आ बहुत जरूरी काम... Read more
डिकर: वनस्पतियों से निर्मित देव प्रतिमाएँ
डिकर का मतलब है पूजे जाने के लिए बनायी जाने वाली मूर्ति या वनस्पतियों से निर्मित देव प्रतिमाएँ. इनका निर्माण मुख्यतः कर्क संक्रांति पर मनाये जाने वाले संक्रान्तोत्सव, हरेला, जन्माष्टमी, सातू... Read more
उत्तराखण्ड में स्थित भगवान शिव के पंच केदार
उत्तराखण्ड को देवभूमि भी कहा जाता है. यहाँ के उच्च हिमालयी क्षेत्र देश-विदेश में मशहूर मंदिरों से पटे हुए हैं. धर्मग्रंथों और पुराणों में ढेरों प्रसंगों में उत्तराखण्ड का जिक्र मिलता है. शिव... Read more
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