साहित्यकार अमित श्रीवास्तव का बहुप्रतीक्षित उपन्यास ‘गहन है यह अंधकारा’ आखिर छपकर आ ही गया. आजादी के बाद से पुलिस-सुधार की बातें जोर-शोर से चलती रहीं. पुलिस- कमीशन की कई रिपोर्ट्... Read more
दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी
Amore Mio Dove Stai Tu Sto Cercando Sei Solo Mio Amore Mio Dove Stai Tu Sto Cercando Sei Solo Mio दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी या है मोहब्बत या है जवानी दो लफ़्ज़ों की है दिल की कहानी या ह... Read more
कहीं करती होगी वो मेरा इंतज़ार,
कहीं करती होगी वो मेरा इंतज़ार, जिसकी तमन्ना मे फिरता हूँ बेकरार कहीं करती होगी वो मेरा इंतज़ार, जिसकी तमन्ना मे फिरता हूँ बेकरार दूर ज़ुल्फों की छाँव से, कहता हूँ ये हवाओं से उसी बुत की अदा... Read more
साहिर लुधियानवी का गीत जिसमें मोहब्बत जैसे नाजुक विषय पर खुलेआम शास्त्रार्थ है
हर तरफ हुस्न है, जवानी है,आज की रात क्या सुहानी हैरेशमी जिस्म थरथराते हैं,मर्मरी ख्वाब गुनगुनाते हैंधड़कनों में सुरूर फैला है,रंग नज़दीक-ओ-दूर फैला हैदावत-ए-इश्क दे रही है फज़ा,आज हो जा किसी... Read more
तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे
जो तुमको हो पसंद, वही बात कहेंगे तुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे जो तुमको … चाहेंगे, निभाएंगे, सराहेंगे आप ही को आँखों में दम है जब तक, देखेंगे आप ही को अपनी ज़ुबान से आपके जज़्बात... Read more
दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन
दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन – (२) बैठे रहे तसव्वुर-ए-जानाँ किये हुए दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन… जाड़ों की नर्म धूप और आँगन में लेट कर – (२) आँखों प... Read more
आपकी आँखों में कुछ महके हुए से राज़ हैं
आपकी आँखों में कुछ महके हुए से राज़ हैंआपसे भी खूबसूरत आपके अंदाज़ हैंआपकी आँखों में…लब हिले तो मोगरे के फूल खिलते हैं कहींआपकी आँखों में क्या साहिल भी मिलते हैं कहींआपकी खामोशियाँ भी, आप की... Read more
खय्याम साहब को श्रद्धांजलि
हिंदी सिनेमा में खय्याम साहब ने परिपाटी से हटकर संगीत दिया. उनका संगीत कहीं-न-कहीं गजल को स्पर्श करता था लेकिन भारतीय शास्त्रीय संगीत की महक उसमें हमेशा रची-बसी रही. इसीलिए उनके अधिकांश गीत... Read more
कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है मौसम बेमिसाल बेनज़ीर है ये कश्मीर है, ये कश्मीर है कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है अरे, मौसम बेमिसाल बेनज़ीर है ये कश्मीर है, ये कश्मीर है पर्वतों के दरमियाँ हैं जन्नतो... Read more
द गर्ल नेक्स्ट डोर की छविवाली विद्या सिन्हा नहीं रही. (Obituary to Vidya Sinha) मध्यवर्गीय कामकाजी युवती के किरदारों के जरिए उन्होंने दर्शकों पर एक अमिट छाप छोड़ी.इंडस्ट्री में तब के चलन के... Read more
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