देवस्थानम बोर्ड का जिन्न फिर बोतल से बाहर
उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर निकल आया है. शुरू तो विवाद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बयान से हुआ, जिसमें कहा गया कि उत्तराखंड सरकार का देवस्थानम बोर्ड पर प... Read more
चन्द्र सिंह राही, ग्रामोफोन, कैसेट, सी. डी. दौर की पहली पीढ़ी के गढ़वाली लोकगायकों में से एक थे. उनका जन्म 28 मार्च 1942 को हुआ और 10 जनवरी 2016 को वे इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए.... Read more
बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ कर रही है उत्तराखंड सरकार
उत्तराखंड में वर्ष 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाने की राज्य सरकार ने घोषणा की है. ‘रोजगार वर्ष’ – नाम से तो ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तराखंड में साल भर नौकरियों की बरसा... Read more
बयानों के जरिये सुर्खी बटोरने वाले केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अब बयान का गोला बी.एड करने वालों पर दाग दिया है. कुछ लोग सोच कर बोलते हैं, कुछ लोग बोलने के बाद स... Read more
उत्तराखंड सरकार पूर्व मुख्यमंत्रियों को दिये गए सरकारी आवासों का किराया माफ करने के लिए अध्यादेश लायी है. इस अध्यादेश के जरिये पाँच पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब वो लाखों रुपये नहीं चुकाने होंग... Read more
नरेन्द्र नेगी को पद्म सम्मान न मिलने का मतलब
उत्तराखंड के तीन व्यक्तित्वों – बछेंद्री पाल, प्रीतम भरतवाण और अनूप साह को इस वर्ष पद्म सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा हुई है. इन तीनों ही व्यक्तित्वों को बधाई. सरकारी सम्मान के बिना भी... Read more
Popular Posts
- गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन
- लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में
- कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक
- उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक
- उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं
- उत्तराखण्ड के आयुष के हाथ में दिल्ली की रणजी टीम की कमान
- उत्तराखण्ड की उन्नति शर्मा ने देश का गौरव बढ़ाया, कॉमनवेल्थ -26 में जीता कांस्य
- बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर
- खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन
- वह माला के गेट पर सुबह-शाम पहरा देते मिलता
- पहाड़ो में भूस्खलन
- जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई
- हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी
- हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब
- 28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई
- दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास
- गांधीजी ने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलन का संचालन कैसे किया?
- भारत में आँसू गैस के गोले सबसे पहले अंग्रेज़ लाए थे
- कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल
- हरेला: प्रकृति, परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- हरेले के रंग में पहाड़ : फोटो निबन्ध
- अब हल्द्वानी में पहाड़ी उत्पादों के सबसे विश्वसनीय ब्रांड ‘मुनस्यारी हाउस’ की शुरुआत
- खड़कमाफी के जीवन में एक दशक से विचरते एकदंत गजराज
- क्या उत्तराखंड, पारिस्थितिक वहन क्षमता को लागू कर सकता है?
- रिंगाल आधारित शिल्प : उत्तराखण्ड का एक परम्परागत कुटीर उद्योग
