1897 से होती है पिथौरागढ़ में रामलीला
पिथौरागढ़ में रामलीला सन 1897 से लगातार हो रही है. भीमताल के देवीदत्त मकड़िया को यहां रामलीला शुरू कराने का श्रेय जाता है. वे सोर के परगनाधिकारी मंडलाधीश कहलाते थे. शुरुआत में एक कामचलाऊ रामली... Read more
पिथौरागढ़ रामलीला में लम्बे समय तक शूर्पणखा का किरादर निभाने वाले कल्लू चाचा उर्फ़ खुदाबख्श
पिथौरागढ़ की रामलीला में सबसे लंबे समय तक एक ही पात्र का अभिनय करने का कीर्तिमान संभवतः कल्लू चाचा उर्फ़ खुदाबख्श के नाम होगा. कल्लू चाचा ने किशोरावस्था से बुढ़ापे तक एक ही पात्र किया – श... Read more
रामलीला मंचन के शुरुआती वर्षों में प्रकाश व्यवस्था के लिये चीड़ के पेड़ के छिल्कों का प्रयोग किया जाता था. कच्चे पतले पेड़ों को काटकर रामलीला मंच के चारों ओर गाड़ दिया जाता और छिल्कों के गुच्छों... Read more
आप पिथौरागढ़ में केमू स्टेशन से नीचे सिनेमा लाइन की ओर बड़ रहे हैं और तभी पीछे से कोई हल्की सी आवाज में नजर चुराकर आपसे कहे दाज्यू फर्स्ट क्लास का टिकट लोगे फर्स्ट क्लास का. यह किसी कल्पना का... Read more
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल का जब भी इतिहास लिखा गया है तब एक सामान्य धारणा यह बनाने की रही है कि गोरखाओं की तुलना में ब्रिटिश साम्राज्य का काल में यहां के स्थानीय लोगों का जीवन शांतिपूर्ण और अ... Read more
पिथौरागढ़ शिक्षक-पुस्तक आन्दोलन के समर्थन में कल दिल्ली के जंतर मंतर पर एक मार्च निकाला गया. आज पिथौरागढ़ में हो रहे शिक्षक-पुस्तक आन्दोलन का आज 29वां दिन है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आख... Read more
पिथौरागढ़ का बौद्ध मठ
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से पश्चिम की ओर एक गांव है सुकौली. सुकौली की जिला मुख्यालय से दूरी लगभग चार किमी है. इसी गांव में पिथौरागढ़ नगर का एकमात्र बौद्ध मठ स्थित है. जिसे पूरे नगर में बुद्धा ट... Read more
सोरघाटी में वर्षा का देवता मोष्टामानू
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 9 किमी के दूरी पर उत्तरी दिशा में मोष्टामानू का मंदिर है. समुद्र तल से इस मंदिर की ऊँचाई 6500 फिट है. चंडाक के दाई ओर स्थित मोष्टामानू का यह पौराणिक मंदिर पिथौरागढ़... Read more
पिथौरागढ़ का हनुमान मंदिर
वर्तमान में पिथौरागढ़ नगर के लगभग बीचों बीच एक हनुमान का मंदिर है. 1970 में जब इस मंदिर का निर्माण हुआ उस समय यह मुख्य नगर से बिलकुल हटकर एक कोने की ओर था. कुमौड़ गांव से लगे इस मंदिर के निर्म... Read more
नगर पिथौरागढ़ का सम्पूर्ण इतिहास
‘शोर’ परगने को वर्तमान में जिला पिथौरागढ़, जिला बनने से पूर्व पिठौरागढ़, पिठौडागढ़ नाम से पुकारा जाता था. आम बोलचाल और शोरयाली भाषा में इसे शोर कहा जाता था. गंगोली, काली कुमाऊँ, अल्मोड़ा, नैनीता... Read more
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