गैरीगुरु की पालिटिकल इकानोमी : अथ चुनाव प्रसंग
गैरीगुरु उर्फ गिरिजा का नाम एडम स्मिथ, रिकार्डों, जेएसमिल के बाद सीधे गुन्नार मिरडल तक जाता है. गिरिजा से उन्हें सुकुमारी होने का बोध हुआ तो गैरी कहलाना पसंद किया. उनके मुंह लगे चेले ने जब ध... Read more
पिछला दरवाजा बड़ा चमत्कारी होता है. आगे के दरवाजे पर बैठा हुआ संतरी जिसे भीतर घुसने से रोक लेता है वह पिछले दरवाजे से पीछे घुस कर कुर्सी पर विराजमान हो जाता है. इसमें संतरी का कोई कसूर नहीं.... Read more
सड़क को सड़क नहीं, अपना घर समझो
वे पुलिस के बड़े अधिकारी थे और हमारे बचपन के मित्र भी. कल जब वे बहुत दिन बाद शहर आये तो हम दोनों बाइक से शहर घूमने निकले. रास्ते में एक जगह पुलिस चैकिंग हो रही थी. वे ज़ोर से चिल्लाए – ‘अबे रो... Read more
चुनाव टिकट की घोषणा के साथ फूफा बनने की रीत
भविष्य में यदि कभी पारिवारिक रिश्तों की परिभाषा की कोई किताब छपेगी तो उसमें फूफा की परिभाषा कुछ इस तरह हो सकती है- परिवार के बाहर का वह मूल सदस्य जिसे हर बात पर बात पर घंटों मुंह फुलाने का ल... Read more
शेर और गधे की उत्तर आधुनिक लोककथा
एक शेर था, जिसका नाम था -गधा. कभी-कभी उसे ‘ऐ गधे!’ करके भी पुकारा जाता था. एक बार वो जंगल में शिकार पर निकला. उसे हिरन बहुत पसंद थे. उनका माँस बहुत नरम और स्वादिष्ट होता था, और उ... Read more
किस्सा गंजनाशक तेल और दो यारों का -शम्भू राणा उन दोनो की दोस्ती काफी पुरानी और गाढ़ी थी. दोनों की आदतें, स्वभाव और पसंद-नापसंद काफी मिलती थीं. कुछ लोग उन्हें पीठ पीछे उनकी हरकतों के चलते रंगा... Read more
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