दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन
Posted By: Sudhir Kumaron:
दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन – (२) बैठे रहे तसव्वुर-ए-जानाँ किये हुए दिल ढूँढता है फिर वही फ़ुरसत के रात दिन… जाड़ों की नर्म धूप और आँगन में लेट कर – (२) आँखों प... Read more
आपकी आँखों में कुछ महके हुए से राज़ हैं
Posted By: Sudhir Kumaron:
आपकी आँखों में कुछ महके हुए से राज़ हैंआपसे भी खूबसूरत आपके अंदाज़ हैंआपकी आँखों में…लब हिले तो मोगरे के फूल खिलते हैं कहींआपकी आँखों में क्या साहिल भी मिलते हैं कहींआपकी खामोशियाँ भी, आप की... Read more
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