शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 13
बसासत-बसासत विलेज स्टडी टूर के समय एटीआई में इतनी राजनीति हुई जितनी कि शायद सन सैंतालीस के बाद देश भर में नहीं हुई होगी. कारण एक ही था. विलेज टूर असल में अलग-अलग ग्रुप में जाना था और राजनीति... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 12
अधिकारी बन पड़ने की ट्रेनिंग इन सबके साथ जो आश्चर्यजनक चीज़ हुई थी वो ये कि मैं, जो किसी भी दशा में संतुष्ट नहीं रहता था अब लगभग खुश था. अभी भी दूसरे पायदान पर ही था लेकिन खुश था. तीसरे पायदान... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 11
यूपीएससी उपासक की वेदना अभी पंकज सर और देवेन्द्र `चुरू’ मिले कॉरीडोर में. दोनों ऐसे चल रहे थे जैसे कोई वू-डू करके चला रहा हो. वू-डू भी नहीं बल्कि जैसे कल हेमा मैडम बता रही थीं कि यहाँ पहाड़ों... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 10
पुलिस का चेहरा बदल रहा है आज आई जी ए के रतूड़ी सर का व्याख्यान हुआ. रतूड़ी सर बोलते हैं तो उनकी आँखें चमकती हैं, लगता है आँखों ही आँखों में सामने वाले को अंदर बाहर से स्कैन कर लेते हैं. पुलिस... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 9
`कल…!’(अजी जो चला गया) डीम्ड सस्पेंशन- यदि कोई सरकारी कर्मचारी 48 घंटे से ज्यादा जेल में रहता है तो ऑटोमैटिक सस्पेंड हो जाएगा. वो तो सब ठीक है सर लेकिन ये एसीआर वरिष्ठ अधिकारी ही क्यों... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 8
मंगला को वेरी गुड मिला वो दो अगस्त 2005 था और कुल तीन बातें कमाल की हुई थीं उस दिन. हमारा मेडिकल होना था और दिन में ही बाहर निकलना हुआ बी डी पांडे अस्पताल. अस्पताल जाने में कभी खुश न होने वा... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 7
जरूरत है जरूरत है… सख्त जरूरत है ! इसके पहले मैं गंभीर गायन को बड़ी दी के `मेरे जल्फ़ को समझकर ज़रा बिजलियाँ गिराना’ से रिलेट करता था और सुगम संगीत को लाईट जाने के बाद छीना-झपटी तक उतरी ह... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 6
अमित श्रीवास्तव उत्तराखण्ड के पुलिस महकमे में काम करने वाले वाले अमित श्रीवास्तव फिलहाल हल्द्वानी में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं. 6 जुलाई 1978 को जौनपुर में जन्मे अमित के गद्य की शैली... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 5
अमित श्रीवास्तव उत्तराखण्ड के पुलिस महकमे में काम करने वाले वाले अमित श्रीवास्तव फिलहाल हल्द्वानी में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं. 6 जुलाई 1978 को जौनपुर में जन्मे अमित के गद्य की शैली... Read more
शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 4
अमित श्रीवास्तव उत्तराखण्ड के पुलिस महकमे में काम करने वाले वाले अमित श्रीवास्तव फिलहाल हल्द्वानी में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं. 6 जुलाई 1978 को जौनपुर में जन्मे अमित के गद्य की शैली... Read more
Popular Posts
- पहाड़ो में भूस्खलन
- जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई
- हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी
- हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब
- 28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई
- दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास
- गांधीजी ने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलन का संचालन कैसे किया?
- भारत में आँसू गैस के गोले सबसे पहले अंग्रेज़ लाए थे
- कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल
- हरेला: प्रकृति, परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- हरेले के रंग में पहाड़ : फोटो निबन्ध
- अब हल्द्वानी में पहाड़ी उत्पादों के सबसे विश्वसनीय ब्रांड ‘मुनस्यारी हाउस’ की शुरुआत
- खड़कमाफी के जीवन में एक दशक से विचरते एकदंत गजराज
- क्या उत्तराखंड, पारिस्थितिक वहन क्षमता को लागू कर सकता है?
- रिंगाल आधारित शिल्प : उत्तराखण्ड का एक परम्परागत कुटीर उद्योग
- कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा
- चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार
- मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब
- पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे
- ‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है
- सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन
- मानव और प्रकृति का संबंध प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है
- न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार
- कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा
- दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है
