मेरा दिल खोजता है उसे और वह नहीं है मेरे पास
बीसवीं सदी के सबसे बड़े कवियों में शुमार किये जाने वाले पाब्लो नेरूदा का पहला काव्य संग्रह था ‘वेइन्ते पोएमास दे आमोर ई ऊना कान्सीयोन देसएस्पेरादा’ (बीस प्रेम कविताएं और हताशा का... Read more
बिड़ला वाले बिष्टजी और गेठिया के भूत
बिष्ट गुरु जी नैनीताल के मेरे मशहूर रेजीडेंशियल स्कूल में हॉबी के पीरियड्स के दौरान बच्चों को अपनी वर्कशॉप में मैटलवर्क सिखाया करते थे. क्लासरूम में प्रायः किसी अध्यापक के छुट्टी में गए होने... Read more
नारायणराम टेलर मास्टर की फसक
नारायणराम मास्साब के बारे में समूचे रानीखेत और आसपास के इलाकों में विख्यात था कि वे नब्बे की उमर में भी दिन भर में एक थ्री-पीस काट और सिल लेते थे. वे अंग्रेजों के ज़माने के टेलर थे और 1947 से... Read more
यह सेलेब्रिटी युग है. डेरा चलाने वाले बाबा से लेकर ड्रग एडिक्शन से जूझ रहा बम्बइया एक्टर और अबोध इंसान को जिंदा जला देने वाले अपराधी से लेकर रिमोट से चलने वाला कमोड फ्लश बनाने वाला आदमी तक स... Read more
जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़ियाँ करतीं हैं बसेरा
घर में मेथी के भुने बीजों में छौंकी गयी लौकी की सब्जी बनी थी जिसे नाश्ते में रात की बासी रोटी के साथ भकोसने के बाद जोसी साहब चंदू पनवाड़ी के खोमचे पर एक हाथ लाल रैक्सीन पर धरे और दूसरे हाथ की... Read more
घासकटिया छक्के मारने वाला बॉम्बर वेल्स
बहुत समय नहीं हुआ जब क्रिकेट अपने महान खिलाड़ियों के अलावा कुछ ऐसे नामों के कारण भी बहुत लोकप्रिय था जो अपने जीते जी दूसरे कारणों से गाथाओं में बदल जाया करते थे. ऐसे ही एक खिलाड़ी थे ब्रायन डग... Read more
सूचना क्रांति की टूंटूं
सूचना क्रांति हो चुकी है. सामने ख़ाली बैठे आदमी को फोन लगाइए तो आवाज़ आती है कि सामने वाला उपलब्ध नहीं है या व्यस्त है. फोन लग जाता है तो अगले के हेलो कहने के साथ ही टूंटूं की ध्वनि हड़काने लगत... Read more
सखा का आमलेट और कानपुर वाले रज्जू मामा के टमाटर
सखा की शादी हुए दो माह बीत गए थे. इस दौरान वे केरल और राजस्थान जाकर हनीमून निबटा आये थे. इन महीनों में उन्होंने अपने उन सभी अन्तरंग मित्रों को भी निबटा दिया था जिनके बगैर अपने लौंडयुग में वे... Read more
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