बूबू की धुपैणी में महकती अनोखी जड़ – सम्यो
तीन बाखली के छोटे से गाँव में मालगों (ऊपर का गाँव) के बीचों-बीच हमारे एक बूबू रहते थे. बहुत मीठे स्वभाव और बाल सुलभ मुस्कान के धनी थे. बच्चों और बकरी के पट्ठों से बहुत प्यार करते थे इसलिए हम... Read more
दारमा घाटी पिथौरागढ़ जिले के पूर्वी छोर में बहने वाली धौली गंगा की घाटी को कहा जाता है. दुग्तू- दांतू में पंचाचूली से आने वाली धारा धौली में मिलती है. इस जलधारा का श्रोत पंचाचूली ग्लेशि... Read more
कुमाऊं गढ़वाल की दुर्लभ उच्च हिमालयी लाल जड़ी
अगर आपने अपना बचपन पहाड़ के किसी गाँव में बिताया है, अगर आपके बचपन तक आर्थिक सुधारों का असर देर से पंहुचा हो. अगर आपका बचपन टीवी और बिजली से अजनबी रहा हो. अगर सड़क आप साल में एक दो बार ही दे... Read more
हिलजात्रा: ग्रामीण कृषक समाज की जीवंत झांकी
जेठ-आषाढ़ की तप्त गर्मी और हाड़ तोड़ देने वाली धान की रोपाई के बाद सावन के घुमड़ते मेघ पहाड़ों के जीवन को कुछ पल के लिए शिथिल कर देते हैं. इन परसुकुन के पलों में जब प्रकृति भी अपना श्रृंगार... Read more
चार वीर महर भाई और हिलजात्रा की कथा
आज पिथौरागढ़ जिले कुमौड़ गांव में हिलजात्रा का उत्सव मनाया जा रहा है. कुमौड़ की हिलजात्रा का मुख्य पात्र लखियाभूत या लखियादेव है. हिलजात्रा कैसे कुमौड़ गांव में शुरू की गयी इसके विषय में चार... Read more
आज है पिथौरागढ़ के कुमौड़ गांव में हिलजात्रा
पिथौरागढ़ के कुमौड़ गांव में आज शाम हिलजात्रा का आयोजन किया जायेगा. हिलजात्रा पिथौरागढ़ में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला एक कृषि उत्सव है. इसमें कोई बैल की जोड़ी बनता है, कोई हलिया बनता है... Read more
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