चुड़कानी, कढ़ाही और बारिश
Posted By: Sudhir Kumaron:
जब कभी कोई डॉक्टर मेरे खून की जांच करता है,तो उसमें निर्बाध प्रवाह, कुछ भांग, जखिया, गंद्रायणी जैसी खुशबू पाता है, हालांकि खून में लौह तत्व की खुशबू ज्यादा होती है, पर अपन का तो ऐसे ही है. ब... Read more
भट की चुड़कानी: पहाड़ियों का पसंदीदा व्यंजन
Posted By: Sudhir Kumaron:
चुड़काड़ी, चुटकाड़ी, चुलकाड़ी चुड़कानी, चुटकानी (Bhat Ki Chulkani) नाम से जाने-पहचाने जाने वाले व्यंजन को उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल में भात के साथ खाए जाने की परंपरा है. इसे उत्तराखण्ड में सर्वाध... Read more
Popular Posts
- कुमाऊं में रामलीला की परम्परा
- ‘पायर’ फिल्म के सुलगते सवाल…
- हुक्का क्लब अल्मोड़ा की रामलीला से एक्सक्लूसिव तस्वीरें
- ‘पायर’ पहाड़ की ठोस पीठ है
- धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’
- गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी
- देवदार या देव दारु
- कसारदेवी : जहां स्वर्ग के सबसे करीब होने का अहसास होता है
- दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व
- पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता
- अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें
- अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक
- सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन
- उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज
- कामिनी तुम कौन?
- पूर्वी नयार नदी की वो बाढ़
- कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा
- बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार
- आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”
- भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्
- उत्तराखण्ड के सरोवर
- दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध
- सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा
- पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल
- घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान
