कका-काखी वाली मिठास अंकल-आंटी में नहीं आ सकती
भाषा एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा हम किसी व्यक्ति के बारे में जान सकते हैं, उसे समझ सकते हैं, उससे जुड़ पाते हैं. यूँ तो दुनिया में कई भाषाएं हैं उन सभी का अपना-2 महत्व है, किंतु एक भाषा... Read more
कम लोग ही जानते हैं कि मडुवा मूल रूप से इथोपिया और युगांडा देश का एक मोटा अनाज है जिसे आज विश्व में भारत समेत केन्या, जायरे, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, तंजानिया, सूडान, नाइजीरिया, मोजम्बीक, नेपा... Read more
कुमाऊं की रंगीली होलियां -चारू चन्द्र पांडे कुमाऊँ में होलियों का पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है, होली की एकादशी को रंग-भरे सफेद वस्त्र धारण किये जाते हैं एक डंडे पर नये कपड़े की धारियाँ या... Read more
‘उत्तराखण्ड होली के लोक रंग’ शेखर तिवारी द्वारा संपादित एक महत्वपूर्ण पुस्तक है. चंद्रशेखर तिवारी काफल ट्री के नियमित सहयोगकर्ता हैं. उत्तराखण्ड की होली परम्परा (Traditional Hol... Read more
मडुआ: एक पहाड़ी अनाज का फर्श से अर्श तक का सफर
मडुआ, मंडुआ, क्वादु और कोदा नाम से पहचाने जाने वाले अनाज को लम्बे समय तक उत्तराखण्ड में वह सम्मान नहीं मिल पाया है जिसका कि वह हकदार था. मडुआ को हमेशा से निचली समझी जाने वाली जातियों और गरीब... Read more
1842 से छप रहे हैं उत्तराखण्ड में अखबार
उत्तराखंड में पत्रकारिता की शुरूआत -विनीता यशस्वी पहले अखबार उत्तराखंड के कुमाऊनी व गढ़वाली दोनों इलाकों में पत्रकारिता का इतिहास बेहद प्राचीन और रोचक रहा है. कहा जा सकता है कि 1842 में जॉन म... Read more
Popular Posts
- दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व
- पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता
- अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें
- अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक
- सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन
- उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज
- कामिनी तुम कौन?
- पूर्वी नयार नदी की वो बाढ़
- कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा
- बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार
- आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”
- भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्
- उत्तराखण्ड के सरोवर
- दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध
- सिंधुजा की कविता : स्मृति यात्रा
- पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल
- घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान
- दुनिया ने अपनाया और अपनों ने भुलाया : जन्मदिन विशेष
- गलगोटिया वाला कॉपी नहीं, असली नवाचार है अल्मोड़ा के रवि टम्टा का ड्रोन
- लोक गायिकाओं का समृद्ध इतिहास रहा है पहाड़ो में
- कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से जनआंदोलन तक
- उत्तराखण्ड में वन्य-जीवों का आतंक
- उनके बारे में जो सिर्फ नाम नहीं जीवन हैं
- उत्तराखण्ड के आयुष के हाथ में दिल्ली की रणजी टीम की कमान
- उत्तराखण्ड की उन्नति शर्मा ने देश का गौरव बढ़ाया, कॉमनवेल्थ -26 में जीता कांस्य
