कोई भी संस्कृति अपनी भाषा बोली को संरक्षित किये बगैर लम्बे समय तक जीवित नहीं रह सकती. यह बात छोटी आबादी वाली जनजातियों के सन्दर्भ में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है. अपनी भाषा बोली के प्रत... Read more
रं समाज में विवाह पद्धतियां
रं समाज में मुख्यतः एकल विवाह ही होता है, परन्तु कभी-कभी बच्चे नहीं होने की दशा में या पत्नी की मृत्यु हो जाने पर दूसरी शादी भी कर लेते हैं. रं समाज से अभी भी अन्तर्विवाह को ही ज्यादा महत्ता... Read more
रौंकली पहलवान की दादागिरी के किस्से
पुराने जमाने में हमारे दादा-दादी (लला-त्यित्यि) व माता-पिताजी कहानियां सुनाया करते थे. ये कहानियां काल्पनिक न होकर सच्ची घटनाओं पर आधारित हुआ करती थीं जिसे सुनकर श्रोतागण दांतों तले ऊंगली दब... Read more
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