ताड़ीखेत की आबोहवा के मुरीद थे महात्मा गाँधी
Posted By: Sudhir Kumaron:
ताड़ीखेत के नयनाभिराम प्राकृतिक सौन्दर्य और शीतल, स्वास्थ्यवर्धक वातावरण से महात्मा गाँधी बहुत मोहित हुए. ताड़ीखेत की तारीफ में 11 जुलाई, 1929 को ‘यंग इण्डिया’ में एक लेख लिखा. लेख में उन्हो... Read more
फल्दाकोट मध्यकाल में कुमाऊँ का एक सशक्त पहाड़ी राज्य था. फल्दाकोट राज्य के अंतर्गत पाली पछाऊं का कोसी, स्याहीदेवी, ताड़ीखेत व सल्ट का ज्यादातर हिस्सा आता था. फल्दाकोट पर कत्यूरियों की ही एक शा... Read more
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