चितई का गोलू देवता मंदिर
कुमाऊं के अनेक प्रतिष्ठित देवता हैं— जैसे गोलू, हरू, सैम, ऐरी, गंगनाथ, भोलानाथ, कलबिष्ट, चौमू, भूमिया आदि. ये सभी मध्यकाल के उदार और आदर्शवादी शासक हुआ करते थे जो अपनी क्षेत्री सीमाओं पर विज... Read more
जगह के नामों में इस्तेमाल होने वाले खाल के अर्थ
उत्तराखण्ड के दोनों ही मंडलों, कुमाऊँ व गढ़वाल, में खाल शब्द कई जगहों के नामों में जोड़ा जाता है. दोनों ही जगह इसका मतलब भूमि की एक ख़ास तरह की स्थिति से है. लेकिन दोनों मंडलों में इसके सन्द... Read more
घोड़ाखाल: धार्मिक आस्था और सैन्य शिक्षा का केंद्र
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के नैनीताल जिले का एक छोटा सा क़स्बा है भवाली. यह क़स्बा समुद्र तल से 1,654 मीटर की उंचाई पर बसा है. भवाली कुमाऊँ मंडल का एक महत्वपूर्ण क़स्बा है. यह कुमाऊँ की सबसे बड़... Read more
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