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पिथौरागढ़ के रक्षित पांडेय के फ़ोटोग्राफ़

20 साल के रक्षित पांडेय पिथौरागढ़ में रहते हैं और फिलहाल बी एस सी की पढ़ाई कर रहे हैं. एक उभरते फोटोग्राफर के रूप में उन्होंने बहुत जल्दी अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है. Rakshit Pandey Pithoragarh Photography

रक्षित पांडेय

अपनी फोटोग्राफी और उसके अनुभवों के बारे में वे लिखते हैं:

“जब भी बाहर शहरों में जाओ तो लोग पहाड़ (उत्तराखंड) के नाम पर नैनीताल, मसूरी से ऊपर नहीं सोच पाते. पिथौरागढ़, अल्मोड़ा व अन्य पहाड़ी क्षेत्रों का तो नाम ही नहीं है. नैनीताल मसूरी तो अब टूरिस्ट प्लेस बनकर रह गए हैं, उनसे अब पहाड़ गायब है. तब मुझे लगा कि पहाड़ को लोगों तक पहुंचाना है. Rakshit Pandey Pithoragarh Photography

वहां से फोटोग्राफी का शौक शुरु हुआ. पहले हैंडीकैम कैमरा फिर 12वीं में डीएसएलआर. उसके बाद कुछ फोटोग्राफी क्लब्स से जुड़कर फोटोग्राफी की तकनीकियां व बारीकियां सीखी. साथ में इक्विपमेंट भी बढ़ते रहे.

पहाड़ का मतलब सिर्फ महंगे होटल और बर्फीले पहाड़ों से ऊपर भी बहुत कुछ है। पहाड़ मतलब ‘पहाड़ की संस्कृति’, ‘पहाड़ के गांव’, ‘पहाड़ के लोग’ और उनका संघर्ष है।वही लोगो तक पहुंचाना है। यही सबसे खास कारण रहा फोटोग्राफी करने का।

Voubs ने जब “पहाड़” थीम पर इंटरनेशनल फोटोग्राफी प्रतियोगिता कराई तो उसमें 11वां स्थान प्राप्त करना खुशी की बात थी. सोशल मीडिया पर भी लोग काफी सराहते हैं. फेसबुक ग्रुप्स ,
(Uattakhand photography club, kumounni, My pithoragarh) पर लगभग 1.5 साल से लगातार फोटो डाल रहा हूं. फेसबुक पर 3.5k, 3k, 2.5k लाइक आम तौर पर मिलते हैं और इससे प्रोत्साहन भी मिलता है व इस शौक को बरकरार रखने की हिम्मत भी!

हम आपके लिए रक्षित के कुछ फोटो पेश कर रहे हैं और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं!

नैनीताल के बेहतरीन फोटोग्राफर हैं 19 साल के उदित साह

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उत्तराखण्ड के बेहतरीन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर हैं दीप रजवार

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