फोटो : सुधीर कुमार
कबूतरी देवी, भानुराम सुकोटी गिर्दा और हीरा सिंह राणा के सर्वकालिक लोकप्रिय गीतों को रीक्रियेट कर चुके करन जोशी के यू ट्यूब चैनल केदारनाद बसंती मौसम में गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ का रंग भरा गीत लेकर आया है. बसंत की परी शीर्षक से इस गीत में गिर्दा की कविता को कर्णप्रिय संगीत से संवारा गया है. (Poem of Girda)
इस तरह गिर्दा की नजर से बसंत के मौसम को देखने की नयी पीढ़ी के एक युवा कलाकार की कोशिश का बेहतरीन परिणाम है बसंत की परी.
गिटार और अन्य आधुनिक वाद्ययंत्रों के साथ कानों में रस घोलता संगीत गिर्दा के जादुई शब्दों के साथ पूरा न्याय करता है. इस तरह गिर्दा बसंत को देखने और महसूस करने का अपना नजरिया लेकर अगली पीढ़ी के साथ जुगलबंदी करते दीखते हैं. गीत में गिर्दा की खुद की आवाज़ को बीच-बीच में खूबसूरती के साथ पिरोया गया है.
‘केदारनाद’ की कुमाऊनी होली बसंती नारंगी
नये अंदाज में कुमाऊनी होली शिव के मन मा ही बसे काशी
हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
हर साल पर्यावरण संरक्षण के नाम पर लाखों पौधे लगाए जाते हैं. तस्वीरें खिंचती हैं, अभियान…
आज उत्तराखंड का लोक पर्व हरेला है जो हरियाली और प्रकृति से जुड़ा है. हरेले…
आपको मुनस्यारी की दुर्लभ राजमा कि तलाश है या फिर कुमाऊं-गढ़वाल के उच्च हिमालयी क्षेत्रों…
खड़कमाफी के जंगलों और आबादी के बीच पिछले लगभग एक दशक से एक परिचित छाया…
हाल ही में मेरी उत्तराखंड यात्रा, हरिद्वार, मसूरी, देहरादून और टिहरी, ने मुझे यह गहरा एहसास कराया कि…
रात ढलते ही जब सुबनी और लाली दोनों बहनें पानी भरने के लिए गाँव के…