सावन की बारिश में श्रीनगर: फोटो निबंध

सावन का मौसम, लगातार रिमझिम बरसती बारिश, पहाड़ी घाटियों में तैरते बादल और खुशनुमा मौसम के बीच एक परफ़ेक्ट कैमरा शॉट के लिए लालायित मैं, कुछ दोस्तों के साथ श्रीनगर से 4-5 किलोमीटर ऊपर बरियारगढ़ सड़क पर निकल पड़ा. अमूमन ग्रीष्म ऋतु का मौसम श्रीनगर गढ़वाल में चिलचिलाती गर्मी लिये होता है लेकिन जैसे ही सावन की पहली बरसात पड़ती है मौसम अचानक ही करवट बदल खुद में समेटे प्रकृति के तमाम रंग घाटी में बिखेर देता है.
(Photos of Srinagar Uttarakhand)

श्रीनगर व उसके आस-पास की पूरी घाटी सावन के महीने में इतनी बार मौसमी करवट बदलती है कि जी करता है हमेशा के लिए इस शहर का हमसाथी हो जाऊँ. यूँ तो इस शहर की गर्मी व सर्दी दोनों ही असहनीय होती हैं लेकिन सावन एक ऐसा मौसम है जो आपको श्रीनगर से प्यार करने पर मजबूर कर देता है.

अलकनंदा नदी के तट पर बसा यह शहर पहाड़ के ऊपरी छोर से देखने पर किसी पेंटिंग जैसा लगता है जिसके एक ओर हरे-भरे पहाड़, बीच में रंग बिरंगे मकान व दूसरे छोर पर कल-कल बहती अलकनंदा नदी नज़र आती है. सावन की बारिश इस पेंटिंग को बादलों व खुशनुमा मौसम से और भी रंगीन बना देती है.

पहाड़ घास व छोटे-छोटे पेड़ों की नई कोंपलें लिए चारों ओर हरियाली से लबरेज़ हुए जाते हैं तो नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर श्रीनगर में जलविद्युत परियोजना के कारण मृतप्राय हो चुकी अलकनंदा को एक बार पुन: जीवित कर देता है. सावन की पहली बारिश के साथ ही श्रीनगर घाटी की कुछ खूबसूरत तस्वीरें :
(Photos of Srinagar Uttarakhand)


(Photos of Srinagar Uttarakhand)

कमलेश जोशी

नानकमत्ता (ऊधम सिंह नगर) के रहने वाले कमलेश जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक व भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबन्ध संस्थान (IITTM), ग्वालियर से MBA किया है. वर्तमान में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग में शोध छात्र हैं.

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

इसे भी पढ़ें: क्रौंच पर्वत पर स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

View Comments

Recent Posts

बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर

यह दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत तस्वीर है. इस से पहले मैंने ऐसी तस्वीर नहीं देखी,…

13 hours ago

खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन

डीएनए, आनुवंशिकी और मानवशास्त्र की दृष्टि से एक वैज्ञानिक समीक्षा भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में यदि…

2 days ago

वह माला के गेट पर सुबह-शाम पहरा देते मिलता

माला नाम था उसका. छरहरी काया, बला की ख़ूबसूरत. लेडीज साइकिल से जब कॉलेज आती,…

4 days ago

पहाड़ो में भूस्खलन

उत्तराखण्ड का अधिकांश भूभाग हिमालय की पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित है, जहाँ तीव्र ढाल, गहरी नदी घाटियाँ, युवा…

6 days ago

जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई

पनार बुग्याल के ऊपरी छोर वाले रास्ते पर अब हम चल रहे हैं. पनार चोटी…

6 days ago

हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी

पिछली कड़ी : कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल सन 1928 में अल्मोड़ा…

6 days ago