पर्यावरण

पहाड़ो में भूस्खलन

उत्तराखण्ड का अधिकांश भूभाग हिमालय की पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित है, जहाँ तीव्र ढाल, गहरी नदी घाटियाँ, युवा भूगर्भीय संरचना तथा सक्रिय विवर्तनिक…

4 days ago

हरेला: प्रकृति, परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम

हर साल पर्यावरण संरक्षण के नाम पर लाखों पौधे लगाए जाते हैं. तस्वीरें खिंचती हैं, अभियान चलते हैं और कुछ दिनों…

2 weeks ago

रिंगाल आधारित शिल्प : उत्तराखण्ड का एक परम्परागत कुटीर उद्योग

उत्तराखण्ड की पर्वतीय संस्कृति में प्रकृति और मनुष्य के बीच गहरा और आत्मीय संबंध दिखाई देता है. यहां का लोकजीवन…

1 month ago

मानव और प्रकृति का संबंध प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है

मानव और प्रकृति का संबंध अत्यंत प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है. प्रकृति तथा वायुमंडल से मिलकर बने पर्यावरण के विभिन्न तत्व—जैसे…

2 months ago

न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार

दूधातोली की मुरलीकोठा चोटी (3000 मीटर) के चारों ओर के परिदृश्य को समझाते हुए कुलदीप ने पूरे रोमांच के साथ…

2 months ago

भारतीय परम्परा और धरती मां

हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मां कह कर पुकारा गया है. ‘माता भूमिः पुत्रो ऽहम् पृथिव्याः’ यानी धरती…

3 months ago

आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव

बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर ‘ग्राम स्वराज’ का महत्व लोगों…

5 months ago

धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम

दुनिया के अनेक लोक कथाओं में ऐसा जिक्र तो आता है कि धरती जीवित है, वह सांस लेती है, महसूस…

5 months ago

यह सिस्टम बचाता है स्विट्ज़रलैंड के पहाड़वासियों को आपदा से

एक ही समय में धराली और स्विट्ज़रलैंड में हिमस्खलन या भूस्खलन की घटनाएं हुईं, लेकिन परिणाम बिल्कुल अलग रहे. उत्तराखंड…

6 months ago

क्या हमें कभी मिलेंगे वो फल जो ट्रेल ने कुमाऊं में खाए?

आजकल पहाड़ को समझना समय को उल्टा पढ़ना हो गया है. पिछले कुछ वर्षों से मैं यह समझने की कोशिश…

6 months ago