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मदमहेश्वर मेले का रंगारंग आगाज़

पंच केदारों में द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की डोली के ऊखीमठ आगमन पर लगने वाले तीन दिवसीय मद्महेश्वर मेले का शनिवार को आगाज हो गया है. इस मौके पर शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर को 6 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है. Opening of the Madmaheshwar Fair

रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ स्थित बाबा केदारनाथ व बाबा मद्महेश्वर की शीतकालीन गद्दीस्थली में मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के आगमन पर प्रतिवर्ष लगने वाले त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेले का शनिवार को उद्घाटन किया गया. उद्घाटन में बतौर मुख्य अतिथि केदारनाथ जगत गुरु रावल श्री श्री श्री 10008 भीमा शंकर लिंग ने शिरकत करते हुये त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेले का शुभारंभ किया. इस मौके पर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के नन्हे-मुन्हे बच्चों द्वारा विभिन्न रंगारग सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत कर दर्शको को मंत्रमुग्ध किया गया. त्रिदिवसीय मेले की प्रत्येक शाम क्षेत्रीय लोक कलाकारों के नाम होगी वहीं कल 24 नवम्बर को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी मेले मे शिरकत करेंगे.

आज कार्यक्रम में मेला अधिकारी उपजिलाधिकारी वरुण अग्रवाल ने शिरकत की. त्रिदिवसीय मेले के कार्यक्रम के प्रथम दिन मुख्य अतिथि प्रतिनिधि केदारनाथ बद्रीनाथ मन्दिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री द्वारा शिरकत करते हुए मेले में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया गया. नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह ने शिरकत करते हुये समस्त मेला समिति, श्रद्धालुओं व स्थानीय जनता का धन्यवाद ज्ञापित किया. मेले के शुभारम्भ पर बॉलीबॉल व बैटमिंटन प्रतियोगिता का भी उद्घाटन किया गया.

बाबा मद्महेश्वर की उत्सव डोली 24 नवम्बर को गिरिया गांव से प्रस्थान कर शीतकालीन गददीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी. जहां 25 नवम्बर से बाबा मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा विधिवत रूप से शुरू होगी.

यह मेला, केदारघाटी की लोक संस्कृति, सभ्यता और रीति-रीवाजों का प्रतीक भी है. साथ ही स्थानीय उत्पादों को बाजार भी मुहैया कराता है.

गुप्तकाशी से कैलास नेगी की रपट

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Sudhir Kumar

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