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शिक्षा, साहित्य, पर्यटन और संस्कृति का उत्सव ‘नानकमत्ता किताब कौतिक’

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नई पीढ़ी में “पढ़ने लिखने की संस्कृति” को बढ़ावा देने और उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से क्रिएटिव उत्तराखंड संस्था द्वारा चलाए जा रहे किताब कौतिक अभियान का सातवां आयोजन 1, 2 और 3 दिसंबर को धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी नानकमत्ता (जिला उधम सिंह नगर) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
(Nanakmatta Kitab Kautik)

आयोजन के पहले दिन 1 दिसंबर को विषय विशेषज्ञों द्वारा एक दर्जन से अधिक स्कूलों मे जाकर साहसिक पर्यटन, लोककला, स्वरोजगार, वन्यजीवन, रचनात्मक लेखन, परम्परागत औषधि, रंगमंच, संगीत आदि विषयों पर छात्र-छात्राओं की कैरियर काउंसलिंग की गई. गदरपुर में मोनाड पब्लिक स्कूल और डिग्री कॉलेज, रुद्रपुर में कोलंबस पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, जेसीज पब्लिक स्कूल, किच्छा में हिमालयन पब्लिक स्कूल, डिग्री कॉलेज, सितारगंज, नानकमत्ता के गुरु नानक इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर और नानकमत्ता पब्लिक स्कूल, खटीमा में राजीव नवोदय विद्यालय और अलक्ष्या पब्लिक स्कूल आदि स्कूलों में विषय विशेषज्ञ के रूप में भूपेश जोशी, राजेश भट्ट, नीरज पंत, जया वर्मा, मंजू आर शाह, शान्तनु शुक्ला, अनु हरबोला, अमित परमार, IAS विशाल मिश्रा, दीप जोशी (अमेरिका), डॉ. बीएस कालाकोटी, डा. सतीश पंत आदि उपस्थित रहे. नानकमत्ता की सांस्कृतिक संध्या में यूटोपियन सोसायटी, खटीमा द्वारा “फसक” कार्यक्रम किया गया. लोहाघाट से पधारे सुप्रसिद्ध गायक हेम पांडे जी ने सुंदर गीतों की प्रस्तुति दी.

दूसरे दिन 2 दिसंबर को श्री गुरुनानक डिग्री कॉलेज, नानकमत्ता में विधिवत उद्धाटन दीप प्रज्ज्वलन और हेमा हरबोला की शबद प्रस्तुति के साथ हुआ. उद्घाटन सत्र में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे. पहले साहित्यिक सत्र में सिख गुरुओं की उत्तराखण्ड में ऐतिहासिक यात्राएं विषय पर व्याख्यान हुए. द्वितीय सत्र में प्रो. प्रभात उप्रेती (लेखक और पर्यावरणविद) और नीरज पंत जी के बीच ‘कहां से मिलती है लिखने की प्रेरणा’ विषय पर रोचक बातचीत हुई. विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने स्थानीय संस्कृति को दर्शाने वाली नृत्य प्रस्तुतियां दीं. काव्य गोष्ठी में दूर-दूर से आए कवियों ने विभिन्न भाषाओं में अपनी कविताएं पढ़ीं. सायंकालीन सत्र में प्रसिद्ध घुघूति जागर टीम ने पहाड़ी गीत सुनाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया.

किताब कौतिक नानकमत्ता

तीसरे दिन 3 दिसंबर की सुबह प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बाउली साहब से शानदार सूर्योदय देखने के साथ लगभग 150 लोगों ने नेचर वॉक में हिस्सा लिया. कॉर्बेट, रामनगर से पधारे पक्षी विशेषज्ञ राजेश भट्ट ने अतिथियों और स्थानीय लोगों को पक्षी अवलोकन कराया. प्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी डॉ. बी एस कालाकोटी ने औषधीय पौधों के महत्व के बारे में बताया. सामूहिक गीत गाते हुए नेचर वॉक संपन्न हुआ.
(Nanakmatta Kitab Kautik)

प्रसिद्ध लेखक दिनेश कर्नाटक के संयोजन में “कैसे हुई किताबों से मेरी दोस्ती” के शैलेय, सिद्धेश्वर सिंह, शशांक शुक्ला, किरण अग्रवाल तथा खेमकरण सोमन ने शानदार बातचीत की. पिथौरागढ़ से आए वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. अशोक पंत ने “शिक्षा में बालसाहित्य का महत्त्व” पर सार्थक चर्चा की. युवा रंगकर्मी कुमार कैलाश ने विशेष सत्र में अभिनय की बारीकियां समझाईं. दक्षिण ध्रुव पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रीना धर्मशक्तू ने बच्चों से साहित्यिक खेलों पर बातचीत की.

उत्तराखंड के पूर्व चिकित्सा निदेशक डॉ. एल. एम. उप्रेती ने अंगदान जागरूकता पर अपनी बात रखी. गुरुग्राम की यामिनी पांडे के ऐपण, टनकपुर की कलाकार नाहिद के बॉटल आर्ट और अनु हरबोला की ऐपण कला ने आगंतुकों को बहुत प्रभावित किया. नक्षत्र टीम द्वारा खगोल विज्ञान पर आधारित स्टॉल पर बच्चों और युवाओं ने बहुत रुचि दिखाई. जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया.

किताब कौतिक नानकमत्ता

किताब कौतिक में आरंभ (पिथौरागढ) बुक्स ट्री (रुद्रपुर), समय साक्ष्य (देहरादून) अविचल प्रकाशन, वर्ल्ड विजन (हल्द्वानी), पहरू, शिवालिक विज्ञान क्लब और आदलि-कुशलि आदि के स्टाल भारी भीड़ लगी रही. कई स्कूलों और कॉलेज के बच्चों ने स्टॉल लगाकर अपनी प्रतिभा दिखाई. मुनस्यारी हाउस, हिलांस और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के स्वनिर्मित उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई. नैना वर्मा ने दीवार पत्रिका प्रदर्शित की. स्कूलों के बच्चों ने तीसरे दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये. क्विज, ऐपण, चित्रकला, फोटोग्राफी और कविता वाचन के विजेताओं को अतिथियों के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए. आयोजन के स्मृतिचिह्न के तौर पर अतिथियों को 20 युवा चित्रकारों की पेंटिंग भेंट की गई. पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाने में नानकमत्ता पब्लिक स्कूल, श्री गुरु नानक डिग्री कॉलेज और नानकमत्ता इंटर कॉलेज के बच्चों ने सहयोग किया. नेपाल के वरिष्ठ साहित्यकार हरीश जोशी ने भी प्रतिभाग किया. मंच संचालन नवीन पंत, ललिता कापड़ी, डॉ. सुनील पंत, नरेन्द्र बंगारी आदि ने किया.
(Nanakmatta Kitab Kautik)

किताब कौतिक नानकमत्ता

अतिथियों में स्थानीय विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, उप शिक्षा अधिकारी तरुण पंत, प्रबंधक कमेटी के सेक्रेटरी सरदार अमरजीत सिंह, एड. डी के जोशी, डॉ चंद्रशेखर जोशी, पूरन बिष्ट, मनोज कफलटिया, करण आर्या, सुमित पांडे, डॉ. जगदीश कुमुद, निर्मल नियोलिया, वरुण अग्रवाल, बबीता पुनेठा, मितेश्वर आनन्द, अरुण चुघ, भूपेश दुमका, डॉ. जयंत शाह, कस्तूर लाल तागरा, डॉ. सुभाष वर्मा, गोविन्द बल्लभ बहुगुणा, लता पंत, डॉ. गजेंद्र बटोही, महेश बराल, सरदार मलूख सिंह, प्रताप सिंह, गोपाल जोशी, विक्की बिष्ट, चंद्रशेखर अटवाल, महेन्द्र ठकुराठी, होशियार ज्याला आदि लोग उपस्थित रहे.

समापन के अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक हेम पंत, दयाल पाण्डे, कमलेश अटवाल, मनिंदर सिंह, हिमांशु पाठक आदि ने बाबा तरसेम सिंह जी, डेरा कार सेवा और नानकमत्ता गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया.
(Nanakmatta Kitab Kautik)

हेम पंत

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