संस्कृति

कुमाऊं में रामलीला की परम्परा

सांस्कृतिक परम्परा की दृष्टि से उत्तराखण्ड एक समृद्ध राज्य है. समय-समय पर यहां के कई इलाकों में अनेक पर्व और…

3 weeks ago

दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व

बचपन में हमें होली-दिवाली और राखी के अलावा मकर संक्रांति, घी त्यार और फूलदेई जैसे उत्सवों का बड़ा इंतज़ार रहता. तब…

1 month ago

अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक

उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की धड़कन, सामाजिक मेल-मिलाप, व्यापार, लोककला, आस्था और सामुदायिक उल्लास…

1 month ago

घी संक्रान्ति का लोक विज्ञान

उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां के लोक जीवन के कई रंग और कई उत्सव हैं.…

3 months ago

कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा

रात ढलते ही जब सुबनी और लाली दोनों बहनें पानी भरने के लिए गाँव के पनघट पर पहुँचीं, तो अचानक सुबनी…

5 months ago

कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा

बड़ी पुरानी बात है. पांडु राजा के पाँच पुत्र थे, पांडव और धृतराष्ट्र के सौ पुत्र थे, कौरव. राज्य आधा-आधा…

5 months ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र खो दिए, और वररुचि राज्य के…

7 months ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते हैं जो एक दूसरे से…

8 months ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर पर्वों, मेलों और त्यौहारों की अनोखी…

8 months ago

अनूठी शान है कुमाऊनी महिला होली की

यूं तो होली पूरे देश में मनाए जाने वाला एक उमंग पर्व है परन्तु अलग अलग अंचलों में इस पर्व…

9 months ago